‘अगर आपने मेरी सलाह मानी होती तो विपक्ष में नहीं बैठे होते’: लोकसभा में पाल और राहुल के बीच हल्की-फुल्की नोकझोंक

**EDS: THIRD PARTY IMAGE; SCREENGRAB VIA SANSAD TV** New Delhi: LoP in the Lok Sabha Rahul Gandhi speaks during the Budget session of Parliament, in New Delhi, Wednesday, Feb. 11, 2026. (Sansad TV via PTI Photo)(PTI02_11_2026_000134B)

नई दिल्ली, 11 फरवरी (पीटीआई) हल्की-फुल्की नोकझोंक के बीच विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि वह लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान ज्यादा आक्रामक नहीं होंगे क्योंकि उनकी पूर्व पार्टी सहयोगी जगदंबिका पाल पीठासीन अधिकारी की कुर्सी पर बैठे हैं। इस पर पाल ने कहा कि अगर कांग्रेस नेता ने अतीत में उनकी सलाह मानी होती तो वह आज विपक्ष की बेंचों पर नहीं बैठे होते।

केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए गांधी ने कुछ मुद्दे उठाए और कुछ नाम लिए, जिस पर अध्यक्षता कर रहे पाल ने आपत्ति जताई।

पाल ने विपक्ष के नेता से कहा, “यदि कोई विषय बजट से संबंधित नहीं है तो आप उसे नहीं उठा सकते। आप सही दिशा में जा रहे थे, फिर पटरी से क्यों उतर रहे हैं?”

इस पर गांधी ने जवाब दिया, “हमें आपसे स्नेह है, आप हमारी पार्टी के पूर्व सदस्य रहे हैं, इसलिए मैं आज ज्यादा आक्रामक नहीं रहूंगा।”

गांधी ने पाल से कहा, “मुझे पता है आपका दिल वहां (भाजपा में) नहीं है, सर।”

नोकझोंक को आगे बढ़ाते हुए पाल ने कहा, “मैं यहां पीठासीन अधिकारी के रूप में हूं। लेकिन अगर आपने मेरी सलाह मानी होती, तो आप वहां (विपक्ष की बेंचों पर) नहीं बैठे होते। आप वहां सिर्फ इसलिए बैठे हैं क्योंकि आपने मेरी सलाह नहीं मानी। यहां भी मैं आपको सलाह दे रहा हूं कि सही रास्ते पर चलिए। अभी भी समय है, आप सही दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।”

गांधी ने कहा कि उनकी बातचीत की भावना को ध्यान में रखते हुए वह उन नामों का उल्लेख नहीं करेंगे, जिन्हें पाल नहीं चाहते।

पाल 2009 में 15वीं लोकसभा में कांग्रेस सांसद के रूप में चुने गए थे। वह 2014 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए और उत्तर प्रदेश के डुमरियागंज से लोकसभा में दोबारा पहुंचे। बाद में वह 2019 और 2024 में भाजपा के टिकट पर फिर से निर्वाचित हुए। PTI ASK RC