नई दिल्ली, दिल्ली, भारत (न्यूज़वॉयर)
- जर्नल का ओपन-एक्सेस मॉडल और 13 देशों के 78 सदस्यों वाली विविध संपादकीय टीम इसकी वैश्विक पहुंच और प्रभाव को बढ़ाती है, जिससे दुनिया भर के पाठकों में जुड़ाव और समावेशिता की भावना पैदा होती है।
- 20वीं वर्षगांठ समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. अजय सूद ने भाग लिया, शीर्ष शोधकर्ताओं को सम्मानित किया गया और अपोलो मेडिसिन की स्वास्थ्य नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया गया।
अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप ने अपनी आधिकारिक जर्नल ‘अपोलो मेडिसिन’ की 20वीं वर्षगांठ 3 जून 2025 को मनाई, जो 2004 से लगातार प्रकाशित हो रही है। इस अवसर पर भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में प्रो. सूद का प्रेरणादायक संबोधन और लेखकों, समीक्षकों व चिकित्सा समुदाय के सदस्यों को सम्मानित किया गया, जिससे अपोलो मेडिसिन की स्वास्थ्य सेवा में ज्ञान साझा करने और सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता झलकी।
अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन डॉ. प्रताप सी रेड्डी ने कहा, “दो दशकों से अपोलो मेडिसिन हमारे मिशन का आधार रही है, जो ज्ञान और नवाचार के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह उपलब्धि हमारे शोध को बढ़ावा देने और वैश्विक चिकित्सा सहयोग को मजबूत करने की हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
मुख्य अतिथि प्रो. अजय कुमार सूद ने कहा, “मानव स्वास्थ्य को आगे बढ़ाने में कठोर अकादमिक शोध की महत्वपूर्ण भूमिका है। मैं अपोलो मेडिसिन की उच्च गुणवत्ता वाली अकादमिक और शोध के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना करता हूँ।”
अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप की जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. संगीता रेड्डी ने कहा, “तेजी से बदलती दुनिया में, चिकित्सकों तक सारगर्भित और व्यावहारिक ज्ञान पहुँचना बेहद जरूरी है ताकि वे रोगियों की देखभाल को बेहतर बना सकें। यही हमारा विजन, मिशन और प्रतिबद्धता है।”
अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप की एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरपर्सन डॉ. प्रीथा रेड्डी ने कहा, “अपोलो मेडिसिन की 20 साल की यात्रा उद्देश्य, दृढ़ता और प्रगति का प्रतीक है। यह जर्नल चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को गहराई से सोचने, सार्थक सहयोग करने और खुलेपन से साझा करने के लिए प्रेरित करता है।”
इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स, दिल्ली के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री पी. शिवकुमार ने कहा, “अपोलो मेडिसिन की 20 वर्षों की यात्रा वैज्ञानिक उत्कृष्टता और पहुंच के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।”
अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप के ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अनुपम सिब्बल ने बताया, “इस पीयर-रिव्यूड जर्नल ने अपनी पहुंच और प्रभाव को काफी बढ़ाया है, जिसमें अब 5 महाद्वीपों के 13 देशों के 78 संपादकीय सदस्य हैं, जो इसकी समावेशी और अंतरराष्ट्रीय सोच को दर्शाता है।”
एडिटर इन चीफ डॉ. राजू वैश्या ने कहा, “इसकी गुणवत्ता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2024 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूएसए द्वारा इसके 13 संपादकीय सदस्य विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में शामिल किए गए।”
अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप के बारे में:
अपोलो ने 1983 में डॉ. प्रताप रेड्डी द्वारा चेन्नई में पहला अस्पताल खोलकर स्वास्थ्य सेवा में क्रांति ला दी थी। आज अपोलो दुनिया का सबसे बड़ा एकीकृत हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म है, जिसमें 74 अस्पतालों में 10,400 से अधिक बिस्तर, 6,600+ फार्मेसियाँ, 264 क्लीनिक, 2,182 डायग्नोस्टिक सेंटर और 800+ टेलीमेडिसिन सेंटर हैं। अपोलो ने 3,00,000 से अधिक एंजियोप्लास्टी और 2,00,000 से अधिक सर्जरी की हैं। अपोलो लगातार शोध और नवाचार में निवेश करता है ताकि दुनिया की सर्वोत्तम देखभाल सुनिश्चित की जा सके। अपोलो के 1,20,000 परिवार के सदस्य उत्कृष्ट सेवा देने और दुनिया को बेहतर बनाने के लिए समर्पित हैं।
(डिस्क्लेमर: उपरोक्त प्रेस रिलीज़ Newsvoir के साथ एक व्यवस्था के तहत आई है और पीटीआई इसकी संपादकीय जिम्मेदारी नहीं लेता।)

