अबू धाबी के विज्ञापन में हिजाब पहनने पर ट्रोल हुईं दीपिका पादुकोण; प्रशंसकों ने किया बचाव

Deepika Padukone and Ranveer Singh featured in an ad together to promote Abu Dhabi tourism.

अभिनेत्री और ग्लोबल आइकन दीपिका पादुकोण हाल ही में एक ऑनलाइन विवाद का केंद्र बन गईं जब उन्होंने अबू धाबी पर्यटन के एक नए विज्ञापन में हिजाब पहनकर उपस्थिति दर्ज कराई। जहां कुछ लोगों ने उन पर विदेशी दर्शकों को खुश करने का आरोप लगाया, वहीं उनके समर्थकों की एक बड़ी संख्या ने इस फैसले का समर्थन करते हुए उनकी सांस्कृतिक संवेदनशीलता और व्यावसायिकता की सराहना की।

नई पर्यटन अभियान की शुरुआत

सोमवार को अबू धाबी पर्यटन प्राधिकरण ने अपने नवीनतम अभियान की घोषणा की, जिसमें दीपिका पादुकोण और उनके पति अभिनेता रणवीर सिंह ब्रांड एम्बेसडर के रूप में शामिल हैं। यह जोड़ा अबू धाबी की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते विभिन्न भव्य दृश्यों में दिखाई देता है—चमचमाती शेख जायेद ग्रैंड मस्जिद से लेकर रंग-बिरंगे बाजारों और तटवर्ती सैरगाहों तक।

एक प्रभावशाली दृश्य में, दीपिका पारंपरिक काले अबाया और हिजाब में मस्जिद में प्रवेश करती हैं, जो क्षेत्र की शालीनता की परंपराओं के प्रति सम्मान का प्रतीक है। दीपिका ने वॉयसओवर में कहा, “यात्रा तब और भी खास हो जाती है जब आप अपने प्रियजनों के साथ होते हैं। मैं इस खूबसूरत शहर को देखने, अनुभव करने और उसका आनंद लेने के लिए उत्साहित हूं।” रणवीर ने जोड़ा, “अबू धाबी परिवार के लिए एक बेहतरीन स्थान है… अब मैं इस यात्रा को अपनी पत्नी के साथ जी रहा हूं, जो अब ब्रांड एम्बेसडर के रूप में मेरे साथ हैं।”

ऑनलाइन विरोध और निराधार आलोचना

विज्ञापन के जारी होने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया पर दीपिका के हिजाब पहनने को लेकर नकारात्मक टिप्पणियों की बाढ़ आ गई। कुछ आलोचकों ने उन पर अपने ही सांस्कृतिक मूल्यों को लेकर असुरक्षित होने का आरोप लगाया और कहा कि भारतीय हस्तियों को विदेशों में धार्मिक नियमों के अनुसार नहीं चलना चाहिए। कुछ ने मंदिरों में उनके पहनावे की तुलना इस परिधान से करते हुए दोहरा मापदंड बताया।

एक ट्रोल ने लिखा, “वो सिर ढक रही हैं जैसे हम विदेशी पर्यटकों से उम्मीद नहीं करते कि वे हमारे मंदिरों में ढंग के कपड़े पहनें। तो फिर विदेश में यह अचानक सम्मान क्यों?” एक अन्य ने तंज कसा, “दीपिका और रणवीर हमेशा पब्लिसिटी स्टंट करते हैं। अब वह धार्मिक बनने का नाटक कर रही हैं सिर्फ टूरिज्म बेचने के लिए।”

प्रशंसकों का बचाव में उतरना

ट्रोलिंग के बीच दीपिका के प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उनका समर्थन करना शुरू कर दिया। हजारों पोस्ट्स में यह बताया गया कि शेख जायेद ग्रैंड मस्जिद में प्रवेश के लिए हिजाब और शालीन वस्त्र अनिवार्य हैं, चाहे आगंतुक किसी भी धर्म या देश का हो। एक समर्थक ने लिखा, “हम भारतीयों को हर चीज में असुरक्षा नहीं दिखानी चाहिए। उन्होंने वही पहना है जो अपेक्षित था—इसमें कोई बड़ी बात नहीं।”

विश्वभर के कई उदाहरण सामने रखे गए, जहां गैर-मुस्लिम आगंतुक धार्मिक स्थलों पर सिर ढकते हैं—जैसे वेटिकन में महिलाएं स्कार्फ पहनती हैं या मिडल ईस्ट की मस्जिदों में क्रिश्चियन सेलेब्रिटीज़ कंधे ढक कर जाती हैं। एक अन्य प्रशंसक ने लिखा, “स्थानीय परंपराओं का सम्मान करना सराहनीय है, विवादास्पद नहीं।”

कई लोगों ने इस जोड़े की पेशेवर छवि और वैश्विक प्रभाव की भी तारीफ की। एक यूजर ने लिखा, “दीपिका उन गिने-चुने भारतीय अभिनेताओं में हैं जिनमें एक शाही आभा है। वे जहां भी जाती हैं, भारतीय सिनेमा की गरिमा को बनाए रखती हैं।” एक अन्य प्रशंसक ने कहा, “इस विज्ञापन में अरब संस्कृति के प्रति उनका सम्मान देखकर मैं उन्हें और ज्यादा पसंद करने लगा हूं।”

वैश्विक अभियानों में सांस्कृतिक संवेदनशीलता

विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन अभियानों में स्थानीय रीति-रिवाजों का पालन करना अक्सर जरूरी होता है ताकि आपसी सम्मान बना रहे। मार्केटिंग रणनीतिकार प्रिया मल्होत्रा ने बताया, “जब ब्रांड किसी अंतरराष्ट्रीय चेहरे को शामिल करते हैं, तो वे उनसे स्थानीय परंपराओं को अपनाने की अपेक्षा रखते हैं। ऐसी आलोचना करना उस उद्देश्य को नजरअंदाज करना है—जो है सांस्कृतिक विनिमय और पर्यटन को बढ़ावा देना।”

अबू धाबी पर्यटन प्राधिकरण ने एक संक्षिप्त बयान में दोहराया कि ग्रैंड मस्जिद में हिजाब और अबाया अनिवार्य परिधान हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दीपिका और रणवीर की भागीदारी अबू धाबी के समावेशी और पारिवारिक पर्यटन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दर्शाती है।

सेलिब्रिटी की जिम्मेदारी और वैश्विक पहुंच

दीपिका पादुकोण, जो बॉलीवुड की सबसे अधिक कमाई करने वाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध अभिनेत्रियों में से एक हैं, पहले भी कई बार सांस्कृतिक आदान-प्रदान के समर्थन में आगे आई हैं। भारत में मानसिक स्वास्थ्य के लिए अभियान से लेकर वैश्विक फैशन ब्रांड्स के साथ सहयोग करने तक, उन्होंने एक जिम्मेदार और पेशेवर छवि बनाई है।

फिल्म समीक्षक अनन्या चक्रवर्ती कहती हैं, “आज के सेलिब्रिटी वैश्विक नागरिक हैं। इस पहुंच के साथ विभिन्न परंपराओं का सम्मान करना भी जरूरी होता है। आलोचना अक्सर उस गलत धारणा से आती है जिसमें प्रशंसक यह भूल जाते हैं कि सार्वजनिक हस्तियां सिर्फ किसी एक समूह की नहीं होतीं।”

आगे की राह

जैसे-जैसे यह अभियान डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर फैल रहा है, यात्रा ब्लॉगर और लाइफस्टाइल पत्रिकाएं दीपिका और रणवीर की अबू धाबी यात्रा पर और भी सामग्री प्रकाशित करेंगी, जिसमें लग्जरी रिसॉर्ट्स, डेजर्ट सफारी और विरासत स्थलों को प्रदर्शित किया जाएगा। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, दक्षिण एशिया से पर्यटन बुकिंग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है, जिसका श्रेय इस जोड़े की स्टार पावर को जाता है।

वहीं, ट्रोलिंग की यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया पर विचारों की ध्रुवीकृत प्रकृति की याद दिलाती है। लेकिन इस शोरगुल के बीच, दीपिका के मुख्य प्रशंसक और कई तटस्थ दर्शक उनकी व्यावसायिकता और सांस्कृतिक समझदारी की सराहना करते रहते हैं।

अंतिम विचार

अबू धाबी के पर्यटन विज्ञापन में हिजाब पहनने का दीपिका पादुकोण का निर्णय एक सरल लेकिन प्रभावशाली सिद्धांत को दर्शाता है: स्थानीय परंपराओं का सम्मान करना सद्भाव को बढ़ाता है और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाता है। ऐसे दौर में, जब वैश्विक ब्रांड एम्बेसडर दुनिया की धारणा बनाते हैं, तो ऐसे कदम असुरक्षा नहीं, बल्कि सहानुभूति, सम्मान और सच्चे सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाते हैं।

– सोनाली