
अबू धाबी, 3 नवंबर (एपी): अबू धाबी में सोमवार को एक बड़े तेल सम्मेलन की शुरुआत हुई, जहां अधिकारियों ने आशावाद जताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और वैश्विक विमानन क्षेत्र की ऊर्जा मांग बढ़ने से तेल की कीमतों में वृद्धि होगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब OPEC+ ने अगले वर्ष की शुरुआत के लिए प्रस्तावित तेल उत्पादन बढ़ोतरी को रोकने का निर्णय लिया है।
संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी में आयोजित अबू धाबी इंटरनेशनल पेट्रोलियम एग्ज़िबिशन एंड कॉन्फ्रेंस में बाजार की जटिल स्थितियों को उजागर किया गया। यूएई एक प्रमुख तेल उत्पादक देश है जिसने 2023 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन (COP28) की मेजबानी की थी।
एडीएनओसी के प्रमुख और COP28 के अध्यक्ष सुल्तान अल-जाबेर ने कहा कि ऊर्जा व्यवस्था को “बदलने की नहीं, बल्कि मजबूत करने की जरूरत है।” वहीं, अमेरिकी आंतरिक सचिव डग बर्गम ने अल-जाबेर के विचारों का समर्थन करते हुए जलवायु नीतियों को “कट्टरपंथी विचारधारा” करार दिया। उन्होंने कहा, “ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ती जाएगी। ऊर्जा ट्रांजिशन नहीं, ऊर्जा में इजाफा ही सच है।”
OPEC+ ने पहली तिमाही की उत्पादन बढ़ोतरी रोकी
रविवार को हुई बैठक में OPEC+ ने दिसंबर से 1,37,000 बैरल प्रति दिन अतिरिक्त उत्पादन की अनुमति दी, लेकिन जनवरी, फरवरी और मार्च की योजनाओं को “मौसमी परिस्थितियों” के चलते रोक दिया गया।
सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 65 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल रही, जो 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद 115 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर से काफी कम है।
रिस्टैड एनर्जी के विशेषज्ञ जॉर्ज लियोन के मुताबिक, “यह OPEC+ की सोची-समझी चाल है ताकि बाजार में गिरावट को रोका जा सके और भविष्य की स्थिति को देखते हुए एकजुटता बनाए रखी जा सके।”
यूएई के ऊर्जा मंत्री सुहैल अल-मज़रुई ने कहा कि दीर्घकाल में तेल की अधिक आपूर्ति की संभावना नहीं है, बल्कि मांग ज्यादा है।
रूस पर प्रहार, उत्पादन का समर्थन
बर्गम, जो पूर्व में नॉर्थ डकोटा के गवर्नर रहे हैं, ने कहा कि अमेरिका और खाड़ी देशों की ऊर्जा नीतियां एक जैसी हैं। उन्होंने कहा कि AI तकनीक की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में “अधिक बिजली और ऊर्जा” की जरूरत होगी।
कई देशों ने रूस पर उसके युद्ध को लेकर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इस बीच यूएई रूस के साथ संबंध बनाए हुए है और यूक्रेन-रूस कैदियों की अदला-बदली में मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है।
जलवायु चिंता पीछे छूटी
यह सम्मेलन COP28 के बाद आयोजित हुआ है, जिसमें लगभग 200 देशों ने पहली बार जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने का संकल्प लिया था। हालांकि, यूएई अभी भी आगे तेल उत्पादन क्षमता बढ़ाकर प्रतिदिन 50 लाख बैरल तक पहुंचाने की योजना बना रहा है, साथ ही स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है।
कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने यूरोपीय संघ को चेतावनी दी कि यदि उनका नेट-जीरो उत्सर्जन नियम LNG आपूर्ति को प्रभावित करेगा, तो कतर सप्लाई रोक सकता है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा की जरूरत भविष्य में और बढ़ेगी और इस मुद्दे में राजनीति बाधा नहीं बननी चाहिए। (एपी)
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