
तिरुवनंतपुरम, 11 जनवरी (पीटीआई):
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को चेतावनी दी कि भले ही केरल में कानून-व्यवस्था की स्थिति फिलहाल शांत दिखती हो, लेकिन “कई खतरे धीरे-धीरे उभर रहे हैं” जो भविष्य में गंभीर रूप ले सकते हैं।
यहां प्रमुख मलयालम अखबार केरल कौमुदी द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में बोलते हुए शाह ने कुछ संगठनों की भूमिका पर सवाल उठाए और पूछा कि क्या वे वास्तव में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, “जो लोग सह-अस्तित्व में विश्वास नहीं करते, वे एकता कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं?”
“आज इस मंच के माध्यम से मैं केरल के लोगों से पूछना चाहता हूं—क्या पीएफआई, जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठन और एसडीपीआई जैसी राजनीतिक पार्टियां केरल को सुरक्षित रख सकती हैं?” शाह ने कहा, “ऐसे खतरों की पहचान करना और उन्हें खत्म करने के प्रयास करना सरकार की जिम्मेदारी है।”
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर लगाए गए प्रतिबंध का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि न तो एलडीएफ और न ही यूडीएफ ने इस फैसले का खुलकर समर्थन किया और न ही विरोध।
उन्होंने कहा, “मैं देश भर में जहां भी जाता हूं, यह स्पष्ट कहता
