
हरिद्वार, 23 जनवरी (पीटीआई) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि दुनिया की समस्याओं के समाधान भारतीय परंपराओं में निहित हैं और अपनी गौरवशाली विरासत, संस्कृति और मूल्यों के कारण भारत को विश्व में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।
यहां अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, “जो लोग सनातन धर्म को जानते हैं, भारतीय संस्कृति को समझते हैं और भारत के इतिहास से परिचित हैं, वे दृढ़ता से मानते हैं कि यदि दुनिया की समस्याओं का कहीं समाधान है, तो वह भारतीय परंपरा में ही है।” उन्होंने कहा कि भारत का आध्यात्मिक पुनर्निर्माण न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरे विश्व के लिए लाभकारी होगा।
इस संदर्भ में स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविंद और गायत्री परिवार शांतिकुंज के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इन सभी महान विचारकों ने यह विश्वास व्यक्त किया है कि जब भारत अपनी पूर्ण गौरव के साथ जागेगा, तो वह पूरे विश्व और समूचे ब्रह्मांड को आलोकित करेगा।
उन्होंने कहा, “ऐसे महान पुरुषों और विचारकों के वचन कभी असफल नहीं होते। हम सभी को उनके द्वारा बोले गए सत्य वचनों को ब्रह्मा के वचन मानकर आगे बढ़ना होगा।” शाह ने 1925-26 को राष्ट्रीय नवजागरण का वर्ष बताते हुए कहा कि 2025-26 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और गीता प्रेस गोरखपुर की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने का वर्ष है, साथ ही यह गायत्री परिवार की संस्थापक माता भगवती देवी का जन्म शताब्दी वर्ष भी है।
उन्होंने कहा, “इन सभी का एक ही वर्ष में संगम होना इस बात का संकेत है कि ईश्वर ने उस वर्ष को भारत के नवजागरण के लिए निर्धारित किया है।” केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पवित्र भूमि, विशेषकर हरिद्वार की सप्तऋषि भूमि पर आकर हजारों वर्षों की तपस्या की ऊर्जा का अनुभव होता है।
पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के योगदान का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि भारत उनका ऋण कभी नहीं चुका सकता, क्योंकि उन्होंने गायत्री मंत्र को सर्वसुलभ बनाया, वैश्विक मानवतावाद की अवधारणा को मजबूत किया और वैज्ञानिक आध्यात्मिकता को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया।
गृह मंत्री ने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा का सरल सूत्र “हम बदलेंगे, युग बदलेगा” राष्ट्रीय परिवर्तन की कुंजी है और गायत्री महामंत्र केवल एक संस्कृत मंत्र नहीं, बल्कि जीवन मंत्र है, जो जप करने वाले के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
उन्होंने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा ने सनातन धर्म में व्याप्त विकृतियों को दूर करते हुए आध्यात्म को सामाजिक सरोकारों से जोड़ा और समानता, संस्कृति, एकता और अखंडता के मूल्यों को सुदृढ़ किया। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में देश की कार्य संस्कृति और सोच में उल्लेखनीय सकारात्मक बदलाव आया है और आज भारत को उसकी गौरवशाली विरासत, संस्कृति और मूल्यों के लिए विश्व में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि जब हम 15 अगस्त 2047 को स्वतंत्रता की शताब्दी मनाएंगे, तब हम एक ऐसे भारत का निर्माण करेंगे जो हर क्षेत्र में विश्व में नंबर एक होगा।
इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गायत्री परिवार एक वटवृक्ष की तरह है, जो आध्यात्मिक चेतना का प्रसार कर रहा है।
अखिल विश्व गायत्री परिवार के डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि गायत्री परिवार का मूल दर्शन मानव कल्याण और सामाजिक उत्थान के लिए कार्य करना है।
इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट, उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह और हरिद्वार के विधायक मदन कौशिक भी उपस्थित थे।
बाद में केंद्रीय गृह मंत्री ने हरिद्वार में पतंजलि आपातकालीन एवं क्रिटिकल केयर अस्पताल का भी उद्घाटन किया। पीटीआई डीपीटी एचआईजी एएमजे एमएनके एमएनके
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