
लखनऊ, 21 जनवरी (पीटीआई)
सरकार ने बुधवार को कहा कि सभी जिलों की सक्रिय भागीदारी के साथ उत्तर प्रदेश दिवस 2026 को एक भव्य जनोत्सव के रूप में मनाया जाएगा, जो राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और विकास के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाएगा।
इस समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे।
यह आयोजन 24 से 26 जनवरी तक किया जाएगा और मुख्य समारोह लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित होगा। इसे राज्य के सभी जिलों में लाइव प्रसारित किया जाएगा, जिससे पूरे प्रदेश के लोग एक साथ उत्सव में भाग ले सकेंगे।
24 जनवरी को उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया जाता है। इसे वर्ष 2017 में आधिकारिक रूप से अपनाया गया था और तब से इसे हर वर्ष एक प्रमुख आयोजन के रूप में मनाया जा रहा है।
इस वर्ष यह आयोजन व्यापक जनभागीदारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश की संस्कृति, शिल्प, व्यंजन और विकास यात्रा को एक ही मंच पर प्रस्तुत करेगा।
बुधवार को तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “उत्तर प्रदेश दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि जनता के सहयोग से राज्य की पहचान, उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को प्रस्तुत करने का एक सशक्त अवसर है।” उन्होंने निर्देश दिए कि समारोह को हर स्तर पर उत्तर प्रदेश की भावना को समाहित करते हुए एक सच्चे जनोत्सव के रूप में आयोजित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य अतिथि के रूप में अमित शाह की उपस्थिति इस आयोजन को “विशिष्ट राष्ट्रीय महत्व” प्रदान करेगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं गरिमा, अनुशासन और समयबद्धता के साथ सुनिश्चित की जाएं।
‘विकसित भारत — विकसित उत्तर प्रदेश’ थीम पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी और शिल्प मेला भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें राज्य की विकास यात्रा, नवाचार, बुनियादी ढांचे का विस्तार, औद्योगिक व कृषि प्रगति, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए गए प्रयासों को प्रदर्शित किया जाएगा।
सरकार ने कहा कि इस वर्ष का मुख्य आकर्षण ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन’ होगा, जिसके तहत प्रत्येक जिले के पारंपरिक और विशिष्ट व्यंजनों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित किया जाएगा। इससे आगंतुकों को उत्तर प्रदेश के विविध स्वाद, पाक विरासत और स्थानीय पहचान का अनुभव मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि संस्कृति उत्सव 2025-26 के अंतर्गत प्रस्तावित सांस्कृतिक कार्यक्रमों को उत्तर प्रदेश दिवस के साथ समन्वित किया जाए।
‘हमारी संस्कृति, हमारी पहचान’ विषय पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “लोक, शास्त्रीय और समकालीन कला रूपों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाना चाहिए तथा कलाकारों और दर्शकों दोनों के लिए उचित सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।” उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली सभी जिलों की प्रतिष्ठित हस्तियों को 24 जनवरी को मुख्य समारोह में आमंत्रित किया जाए, ताकि राज्य की सामूहिक उपलब्धियों को उचित सम्मान मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा, “उत्तर प्रदेश दिवस 2026 को इस प्रकार आयोजित किया जाना चाहिए कि राज्य की संस्कृति, व्यंजन, शिल्प और विकास दृष्टि को सजीव रूप में प्रदर्शित किया जा सके, जिससे यह आयोजन प्रेरणादायी, स्मरणीय और हर आगंतुक के लिए गर्व का स्रोत बने।”
