
वॉशिंगटन: अमेरिकी सेना ने गुरुवार को पूर्वी प्रशांत महासागर में एक ऐसे जहाज पर घातक हमला किया, जिस पर नशे की तस्करी के आरोप हैं, और इसमें दो लोगों की मौत हो गई है, अधिकारियों ने बताया।
अमेरिकी दक्षिणी कमान (US Southern Command) ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह नाव पूर्वी प्रशांत के ज्ञात नार्को-तस्करी मार्गों पर जा रही थी और कथित रूप से ड्रग तस्करी में शामिल थी।
हमले के बाद जारी किए गए वीडियो में नाव पानी में आगे बढ़ते दिखती है और फिर आग के गोले में बदल जाती है।
यह हमला ट्रंप प्रशासन के ड्रग विरोधी समुद्री अभियानों के तहत अब तक कुल 128 लोगों के मारे जाने वाला मामला बन गया है। इनमें अधिकांश लोग 36 दर्जन से अधिक हवाई हमलों में तुरंत मारे गए थे, जबकि 10 अन्य जहाज़ के खो जाने के बाद लापता होने के कारण मृत माने जाते हैं।
पृष्ठभूमि
रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने हाल ही में सोशल मीडिया पर दावा किया था कि “कुछ शीर्ष कैरियन्टल तस्करों” ने हाल के प्रभावी हमलों के कारण **नशे के कारोबार को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है,” लेकिन उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं दिया।
हेगसेथ के दावे पर न तो दक्षिणी कमान और न ही पेंटागन ने आगे कोई जानकारी साझा की है।
यह हमला वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो की गिरफ्तारी के बाद से दूसरा ज्ञात हमला है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका लैटिन अमेरिका के ड्रग कार्टलों के साथ एक “सशस्त्र संघर्ष” में है और इन हमलों को ड्रग्स के प्रवाह को रोकने के लिए जरूरी बताया है, हालांकि प्रशासन ने अपने आरोपों के समर्थन में बहुत कम सबूत पेश किए हैं।
