
नई दिल्ली, 4 जनवरी (पीटीआई): अमेरिका द्वारा सैन्य अभियान में दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिए जाने के बाद भारत ने शनिवार रात अपने नागरिकों को वेनेजुएला की सभी गैर-ज़रूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी।
विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला में मौजूद सभी भारतीयों से अत्यधिक सतर्कता बरतने और अपनी आवाजाही सीमित रखने को भी कहा है।
अमेरिका ने मादुरो पर मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल होने का लगातार आरोप लगाते हुए वेनेजुएला की राजधानी काराकास में सैन्य हमला किया। तेल समृद्ध देश के राष्ट्रपति मादुरो ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था।
अमेरिकी सैनिक मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका ले गए हैं। अमेरिकी कार्रवाई के बाद वेनेजुएला ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी।
विदेश मंत्रालय ने कहा, “वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम को देखते हुए भारतीय नागरिकों को वेनेजुएला की सभी गैर-ज़रूरी यात्राओं से सख्ती से बचने की सलाह दी जाती है।”
मंत्रालय ने कहा, “किसी भी कारण से वेनेजुएला में मौजूद सभी भारतीयों को अत्यधिक सतर्कता बरतने, अपनी आवाजाही सीमित रखने और काराकास स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी जाती है।”
मंत्रालय ने भारतीयों से +58-412-9584288 (व्हाट्सऐप कॉल के लिए भी) फोन नंबर और ईमेल आईडी cons.caracas@mea.gov.in के माध्यम से दूतावास से संपर्क करने को कहा है।
काराकास स्थित दूतावास के अनुसार, वेनेजुएला में लगभग 50 अनिवासी भारतीय और 30 भारतीय मूल के लोग रहते हैं।
अमेरिकी कार्रवाई से वेनेजुएला में राजनीतिक अनिश्चितता पैदा हो गई है। रूस और चीन सहित कई प्रमुख शक्तियों ने इस अभियान और मादुरो व उनकी पत्नी की गिरफ्तारी की आलोचना की है।
काराकास में अभियान के कुछ घंटों बाद, ट्रंप ने अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस इवो जिमा पर मादुरो की एक तस्वीर पोस्ट की।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मादुरो को न्यूयॉर्क लाया गया है, जहां उन पर ड्रग कार्टेल को समर्थन देने से जुड़े आरोपों में मुकदमा चलेगा।
ट्रंप ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सत्ता हस्तांतरण तक अमेरिका वेनेजुएला को चलाएगा। उन्होंने कहा, “हम देश को तब तक चलाएंगे जब तक सुरक्षित, उचित और विवेकपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण नहीं हो जाता।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि यह “बेहद सफल” अभियान उन सभी के लिए चेतावनी है जो अमेरिकी संप्रभुता को चुनौती देंगे या अमेरिकी नागरिकों की जान को खतरे में डालेंगे।
भारत ने अब तक अमेरिकी कार्रवाई पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
