
अयोध्या, 4 जून (पीटीआई)
श्रीराम जन्मभूमि परिसर में राजा राम और अन्य देवताओं की प्राण-प्रतिष्ठा (संस्कार) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गुरुवार को संपन्न होगी। मंदिर अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
यह मंदिर में पिछले एक साल में दूसरी बार प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन होगा, पहली बार यह कार्यक्रम पिछले जनवरी में हुआ था।
आधिकारिक बयान में कहा गया, “इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री भगवान श्रीराम का आशीर्वाद लेंगे, जिससे उनका अयोध्या से गहरा आध्यात्मिक संबंध और मजबूत होगा।”
अयोध्या में इस दिन सरयू नदी की त्रयोदशी जयंती भी मनाई जाएगी।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, प्राण-प्रतिष्ठा की विधियां गुरुवार सुबह 11 बजे से शुरू होंगी।
यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 53वें जन्मदिन के साथ भी संयोग से पड़ रहा है।
पिछले आठ वर्षों में अयोध्या में 32,000 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य हुए हैं, जिनमें से बड़ी राशि सड़क, रेल और हवाई संपर्क पर खर्च की गई है।
जिले के प्रशासन ने बड़ी भीड़ की संभावना को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
अंजनी सेवा संस्थान के अध्यक्ष शशिकांत महाराज ने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज ने भगवान राम को प्रतीकात्मक पालने से उठाकर भव्य मंदिर में विराजमान किया है। 5 जून को राजा राम का पुनः राजतिलक और प्रतिष्ठा उसी प्रकार होगी जैसे त्रेता युग में गुरु वशिष्ठ ने किया था, वैसे ही योगी महाराज अब उनका तिलक करेंगे। उन्होंने अयोध्या की गरिमा को पुनर्स्थापित करने और उसे वैश्विक मानचित्र पर लाने के लिए अथक परिश्रम किया है।”
महंत मिथिलेश नंदिनी शरण ने कहा, “यह गर्व की बात है कि एक सन्यासी (योगी आदित्यनाथ) ने न केवल राज्य की आध्यात्मिक भावना को समझा बल्कि उसमें ऊर्जा भी भरी। आज अयोध्या के लोगों को आजीविका की तलाश में बाहर जाने की जरूरत नहीं है।”
चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा कि भाजपा के “डबल इंजन” सरकार के नेतृत्व में अयोध्या “अनंत आनंद” के दौर में प्रवेश कर चुकी है।
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