
नई दिल्ली, 7 सितम्बर (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि तमिलनाडु की सत्तारूढ़ द्रमुक (DMK) भाजपा को निशाना बनाने के लिए भाषा और द्रविड़ पहचान जैसे भावनात्मक मुद्दे उठा रही है, क्योंकि उसकी सरकार पर लगे भ्रष्टाचार और जातिगत अपराधों के आरोपों का उसके पास कोई जवाब नहीं है।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी द्रविड़ हितों के खिलाफ है, यह ‘‘इससे बड़ा झूठा तर्क और कोई नहीं हो सकता’’।
भाषा से बातचीत में सीतारमण ने राज्य की द्रमुक सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप, महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं, दलितों पर अत्याचार से जुड़े जातीय हिंसा और नशीली दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग का जिक्र किया और कहा कि इन आरोपों का द्रमुक के पास कोई जवाब नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘उनका (द्रमुक का) समय इन घटनाओं पर ध्यान देने में नहीं बल्कि अलगाववादी तर्क देने में बीतता है। वे आरोप लगाते हैं कि उनका कर-धन बिहार चला जाता है। क्या बिहार पाकिस्तान में है? बिहार के लोग आपकी फैक्ट्रियों में काम कर सकते हैं। आप मुनाफा कमा सकते हैं। लेकिन आप चाहते हैं कि आपका कर-धन आपके पास ही रहे। तथाकथित द्रविड़ मॉडल की राजनीति पर अलगाववादी मानसिकता हावी है।’’
तमिलनाडु से ताल्लुक रखने वाली सीतारमण ने कहा कि द्रमुक खुद को सामाजिक न्याय का पैरोकार बताती है, लेकिन सच्चाई यह है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में जातीय हिंसा बार-बार होती रही है और अनुसूचित जाति के लोग अक्सर इसका शिकार बने हैं।
उन्होंने बताया कि ऐसी घटनाएं भी हुई हैं जब दलितों के पानी के स्रोत को मानव मल से दूषित कर दिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी मेरा खून खौल उठता है।’’ उन्होंने कहा कि जातिगत ‘‘ऑनर किलिंग’’ जगह-जगह हो रही हैं।
वित्त मंत्री ने विश्वास जताया कि एआईएडीएमके-भाजपा गठबंधन अगले साल की पहली छमाही में होने वाले विधानसभा चुनावों में द्रमुक-कांग्रेस-वाम दलों के गठबंधन को कड़ी चुनौती देगा।
उन्होंने कहा कि आज की तारीख में द्रमुक की ‘‘कुप्रशासन’’ की नीति चरम पर पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री एम के स्टालिन की सरकार के मंत्री भी भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हैं और कुछ तो जेल भी गए हैं।
सत्तारूढ़ द्रमुक परिवार के एक मादक पदार्थ तस्कर से कथित संबंध, पार्टी का एक ही परिवार द्वारा वर्चस्व और राज्य सरकार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के विपरीत केंद्र में मोदी सरकार पर इस तरह के आरोप न होना जनता देख रही है, उन्होंने कहा।
सीतारमण ने कहा कि लोग देख रहे हैं कि मोदी सरकार राज्य के विकास में कैसे अग्रणी भूमिका निभा रही है, जिसमें बंदरगाहों, राजमार्गों और केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों का निर्माण शामिल है।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में कभी नशे की समस्या नहीं रही थी, लेकिन अब माता-पिता अपने बच्चों में नशे की लत को लेकर चिंतित हैं, यहां तक कि स्कूलों में भी। वहीं शराब राज्य में पानी की तरह बह रही है।
उन्होंने कहा कि कई दलितों की मौत मिलावटी शराब पीने से हो चुकी है, जिससे सत्तारूढ़ दल की सामाजिक न्याय की विचारधारा पर सवाल उठते हैं।
भाजपा पर द्रमुक के भाषा विवाद से जुड़े आरोपों और यह कहने पर कि सत्तारूढ़ पार्टी द्रविड़ हितों के खिलाफ है, सीतारमण ने कहा कि इससे ‘‘बड़ा झूठा तर्क कोई नहीं हो सकता।’’
उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, ‘‘वे द्रविड़वाद को कैसे परिभाषित करते हैं? क्या वे भारत का हिस्सा नहीं हैं? तमिलनाडु भाजपा के नेता कौन हैं? क्या वे तमिलनाडु का हिस्सा नहीं हैं?’’
वित्त मंत्री ने अन्ना विश्वविद्यालय की छात्रा से जुड़े दिसंबर के दुष्कर्म कांड का जिक्र किया और पूछा कि क्या उसमें न्याय हुआ? उन्होंने कहा कि आरोपियों का सत्तारूढ़ पार्टी से कथित संबंध बताया गया था।
सीतारमण ने कहा कि तमिलनाडु की राजनीति में परंपरागत रूप से महिलाओं को ऊँचा स्थान मिला है और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री व एआईएडीएमके नेता जयललिता का उदाहरण दिया, जिन्हें लोग स्नेहपूर्वक ‘‘अम्मा’’ कहकर पुकारते थे।
उन्होंने कहा कि द्रमुक जितना शोर मचाना चाहे मचा सकती है, लेकिन उसके पास उन ‘‘वैचारिक मुद्दों का कोई उत्तर नहीं है जिन्हें वह अपने सीने से लगाए रहती है’’। पार्टी ‘‘बिना जाति’’ की राजनीति का दावा करती है, लेकिन राज्य में जाति-आधारित अपराध हर जगह हो रहे हैं, उन्होंने आरोप लगाया।
एआईएडीएमके में चल रही आंतरिक गुटबाजी पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है। साथ ही यह भी नकार दिया कि पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई नाराज हैं।
उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में सब खुश हैं और जमीनी स्तर पर सक्रियता से काम कर रहे हैं। भाषा
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