
नई दिल्ली, 31 दिसंबर (PTI): भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि अस्थिर और प्रतिकूल वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था में तेज़ वृद्धि दर्ज होने की संभावना है, जिसका मुख्य आधार मज़बूत घरेलू उपभोग और निवेश रहेगा।
आरबीआई की नवीनतम वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट की भूमिका में मल्होत्रा ने कहा, “वित्तीय स्थिरता बनाए रखना और वित्तीय प्रणाली को मजबूत करना हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत बना रहेगा।”
उन्होंने कहा कि वित्तीय क्षेत्र के नियामक यह समझते हैं कि वित्तीय स्थिरता अपने आप में अंतिम लक्ष्य नहीं है। नवाचार और विकास को बढ़ावा देना, उपभोक्ताओं की सुरक्षा करना तथा विनियमन और निगरानी में व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना, जिससे वित्तीय प्रणाली की दक्षता बढ़े, उतना ही महत्वपूर्ण है।
मल्होत्रा के अनुसार, “नीतिनिर्माताओं का सबसे अहम योगदान एक ऐसी वित्तीय प्रणाली को बढ़ावा देना है जो झटकों के प्रति मजबूत और लचीली हो, वित्तीय सेवाएं कुशलता से प्रदान करे और जिम्मेदार नवाचार को प्रोत्साहित करे।”
उन्होंने कहा कि मज़बूत आर्थिक वृद्धि, नियंत्रित महंगाई, वित्तीय और गैर-वित्तीय कंपनियों की सुदृढ़ बैलेंस शीट, पर्याप्त बफर और विवेकपूर्ण नीतिगत सुधारों के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय प्रणाली मजबूत और लचीली बनी हुई है।
आरबीआई गवर्नर ने कहा, “अस्थिर और प्रतिकूल वैश्विक माहौल के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था में तेज़ वृद्धि का अनुमान है, जिसे घरेलू खपत और निवेश से बल मिलेगा। हालांकि, हम बाहरी कारकों से उत्पन्न निकट भविष्य की चुनौतियों को लेकर सतर्क हैं और संभावित झटकों से अर्थव्यवस्था व वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा के लिए मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार कर रहे हैं।” PTI NKD TRB
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