‘आतंकवाद अस्थिर मन से उत्पन्न होता है’: योगी आदित्यनाथ

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image posted on Nov. 27, 2025, Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath with Acharya Prasanna Sagar Maharaj during the Panchkalyanak Maha Mahotsav, in Ghaziabad. (@myogiadityanath/X via PTI Photo)(PTI11_27_2025_000179B)

लखनऊ, 28 नवम्बर (PTI) — उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि आतंकवाद, अशांति और वैश्विक अव्यवस्था “मन की चंचल और बहिर्मुखी प्रकृति” से उत्पन्न होते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय परंपरा ऐसी प्रवृत्तियों को दैत्य रूपी शक्तियाँ मानती है, जिनका शारीरिक और आध्यात्मिक दोनों स्तरों पर सामना किया जाना चाहिए।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा ब्रह्माकुमारी राजयोग केंद्र में उद्घाटित “विश्व एकता और विश्वास हेतु ध्यान” कार्यक्रम में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि मन का एक पक्ष सकारात्मकता की ओर ले जाता है, जबकि दूसरा पक्ष नकारात्मकता को बढ़ावा देता है।

उन्होंने कहा, “जहाँ भी अराजकता दिखाई देती है, वहाँ बहिर्मुखी और अस्थिर मन ही उसे संचालित करता है।”

योगी ने कहा कि भारत की ऋषि-परंपरा मानती है कि मन ही बंधन और मुक्ति—दोनों का कारण है, और भीतर की ओर मुड़ना आध्यात्मिक संतोष देता है तथा वैश्विक कल्याण में योगदान करता है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का श्रेय दिया, यह बताते हुए कि 2014 में उनके पदभार संभालने के तुरंत बाद संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ घोषित किया।

राष्ट्रपति मुर्मू का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके स्कूल शिक्षक से देश की राष्ट्रपति बनने तक के सफ़र को “प्रेरणादायक” बताया और राजयोग के माध्यम से सकारात्मकता बढ़ाने के लिए ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि लखनऊ में बनने वाला नया राजयोग प्रशिक्षण केंद्र उत्तर प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ केंद्र बन सकता है, जहाँ एक-दिवसीय, तीन-दिवसीय और साप्ताहिक प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध होंगे।

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, प्रशिक्षक और साधक उपस्थित रहे।

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