
नई दिल्ली, 24 दिसंबर (पीटीआई) – राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को केंद्र सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को सक्रिय रूप से समर्थन देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए स्वदेशी उत्पादन को प्रोत्साहित करने, स्थानीय आपूर्ति शृंखलाओं को सुदृढ़ करने और घरेलू उद्योग को मजबूत करने का आह्वान किया।
राष्ट्रपति भवन में भारतीय रक्षा लेखा सेवा (IDAS) के अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने अधिकारियों से नए कौशल अपनाने और एआई आधारित वित्तीय विश्लेषण जैसे उपकरणों का उपयोग कर साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने तथा धन के कुशल उपयोग को सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
“युवा अधिकारियों के रूप में आप में से कई अपने करियर की शुरुआत में ही उच्च मूल्य और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रस्तावों से जुड़ेंगे। यह एक विशेषाधिकार होने के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। आपसे सर्वोच्च स्तर की ईमानदारी बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है,” राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा। उन्होंने आगे कहा कि हर निर्णय में निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही मार्गदर्शक सिद्धांत होने चाहिए।
“विश्वास सार्वजनिक सेवा की नींव है और इसे अटूट प्रतिबद्धता के साथ सुरक्षित रखा जाना चाहिए,” उन्होंने कहा। साथ ही, आज के जटिल भू-राजनीतिक और सुरक्षा परिवेश में अनुकूलनशील, नवोन्मेषी और प्रौद्योगिकी-आधारित निर्णय लेने के महत्व पर भी बल दिया।
राष्ट्रपति ने कहा कि अधिकारी आत्मनिर्भर और सशक्त रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में योगदान दे सकते हैं और साथ ही सरकार के आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को आगे बढ़ा सकते हैं।
“हर कुशल भुगतान, हर सुविचारित वित्तीय निर्णय और हर पारदर्शी प्रक्रिया राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास में योगदान देती है। आपका कार्य सशस्त्र बलों को उनके मूल मिशन—देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा—पर केंद्रित रहने में सक्षम बनाता है,” उन्होंने कहा।
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