
देहरादून, 23 फरवरी (पीटीआई)। Rashtriya Swayamsevak Sangh के प्रमुख Mohan Bhagwat ने कहा है कि संघ हिंदुत्व की राजनीति नहीं करता, बल्कि वह व्यक्ति निर्माण के माध्यम से सशक्त समाज और राष्ट्र निर्माण में विश्वास रखता है।
रविवार को संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “संघ का उद्देश्य व्यक्ति निर्माण है, क्योंकि मजबूत व्यक्ति ही मजबूत समाज और राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वास्तविकता को बाहर से समझा नहीं जा सकता।
‘संघ यात्रा – नए क्षितिज, नए आयाम’ विषय पर बोलते हुए भागवत ने कहा कि कुछ लोग संघ को अर्धसैनिक संगठन समझते हैं, तो कुछ सेवा क्षेत्र की संस्था, लेकिन आरएसएस इन सीमाओं से परे कार्य करने वाली एक सामाजिक शक्ति है।
उन्होंने कहा, “दुनिया अब एक बार फिर भारत को नेतृत्व की भूमिका में देखने की आशा कर रही है।” उन्होंने उपस्थित लोगों से संघ की गतिविधियों से जुड़कर समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने का आह्वान किया।
भागवत ने कहा कि जो लोग समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं, वही हिंदू हैं। उन्होंने कहा, “मातृभूमि के प्रति भक्ति आवश्यक है। दुनिया सत्य से अधिक शक्ति को समझती है, इसलिए शक्ति अर्जित करना जरूरी है, लेकिन उसका उपयोग संयमित होना चाहिए।”
महिलाओं की भूमिका पर उन्होंने कहा कि महिलाएं पूरी तरह स्वतंत्र हैं और शासन में उनकी भागीदारी 33 प्रतिशत तक सीमित न रहकर 50 प्रतिशत होनी चाहिए।
उन्होंने उत्तराखंड की नदियों और पर्यावरण संरक्षण के लिए समन्वित नीति और स्थानीय भागीदारी की आवश्यकता पर भी जोर दिया। PTI DPT AMJ ARI
