
नई दिल्ली, 18 जनवरी (पीटीआई) चाइनीज ताइपे के लिन चुन-यी ने पुरुष एकल में अपना पहला सुपर 750 खिताब जीता, जबकि विश्व नंबर एक दक्षिण कोरिया की एन से यंग ने 9.50 लाख अमेरिकी डॉलर इनामी इंडिया ओपन में महिला एकल का खिताब अपने नाम कर अपनी बादशाहत कायम रखी।
26 वर्षीय लिन, जो इस समय विश्व रैंकिंग में 12वें स्थान पर हैं, ने पिछले सप्ताह मलेशिया ओपन सुपर 1000 में शुरुआती दौर में बाहर होने के बाद शानदार वापसी करते हुए फाइनल में तीसरी वरीयता प्राप्त जोनाटन क्रिस्टी को 21-10, 21-18 से हराकर पुरुष एकल का खिताब जीता।
महिला एकल में शीर्ष वरीयता प्राप्त और गत चैंपियन एन से यंग ने चीन की विश्व नंबर दो खिलाड़ी वांग झीयी को 21-13, 21-11 से हराकर सत्र का अपना दूसरा खिताब हासिल किया।
डबल्स मुकाबलों में चीन की शीर्ष वरीयता प्राप्त महिला जोड़ी लियू शेंगशू और तान निंग ने जापान की पांचवीं वरीयता प्राप्त युकी फुकुशिमा और सयाका मात्सुमोतो को 58 मिनट तक चले फाइनल में 21-11, 21-18 से हराकर खिताब जीता।
मिक्स्ड डबल्स का खिताब थाईलैंड की तीसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी डेचापोल पुवरानुक्रोह और सुपिस्सारा पावसम्प्रान के नाम रहा, जिन्होंने डेनमार्क की मैथियास क्रिश्चियनसेन और एलेक्ज़ेंड्रा बोये को 19-21, 25-23, 21-18 से हराया।
लिन बनाम जोनाटन
सितंबर में चाइना मास्टर्स में सुपर 750 खिताब के करीब पहुंचने वाले लिन भारत पहुंचे तो कुआलालंपुर में लगी मांसपेशियों की चोट से जूझ रहे थे, जिससे चलने में भी दिक्कत हो रही थी। इसके बावजूद उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और मौके का पूरा फायदा उठाया।
बाएं हाथ के इस शटलर ने आक्रामक खेल दिखाते हुए अपनी रफ्तार से जोनाटन को परेशान किया। इंडोनेशियाई खिलाड़ी हॉल में हवा की दिशा को भी सही ढंग से नहीं भांप सके, जिससे लिन ने पहले गेम में 11-5 की बढ़त बनाई और फिर लगातार सात अंक लेकर गेम अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में जोनाटन ने बेहतर मुकाबला किया और 6-4, 9-7 तथा 18-15 की बढ़त भी बनाई, लेकिन अंत में लिन ने लगातार छह अंक लेकर मैच जीत लिया।
लिन ने कहा, “मुझे लगता है कि आज मैंने काफी अच्छा खेला। मुझे ज्यादा दबाव महसूस नहीं हुआ और मैं खुशी-खुशी खेल रहा था। मलेशिया में मैं अच्छा महसूस नहीं कर रहा था, लेकिन भारत में कोर्ट पर ज्यादा आज़ादी महसूस हुई।”
किसान परिवार से आने वाले लिन ने कहा कि इस खिताब से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
“मैं अपना पहला सुपर 750 खिताब जीतकर बहुत खुश हूं। यह दिखाता है कि मैं अपने दम पर खड़ा हो सकता हूं। मेरा लक्ष्य इस साल दुनिया के शीर्ष 10 में पहुंचना है। जीत या हार—लगातार प्रयास ही सबसे अहम है,” उन्होंने कहा।
बैडमिंटन से इतर लिन को प्रतिस्पर्धी वीडियो गेम खेलना पसंद है। “मुझे ऐसे गेम पसंद हैं जिनमें दो टीमें एक-दूसरे पर हमला और बचाव करती हैं, जैसे PUBG या काउंटर-स्ट्राइक,” उन्होंने जोड़ा।
एन बनाम वांग
महिला एकल फाइनल में एन से यंग पर कभी खास दबाव नहीं आया। उन्होंने वांग झीयी के खिलाफ 22 मुकाबलों में अपनी 18वीं जीत दर्ज की, जिसमें 2025 में खेले गए सभी नौ फाइनल भी शामिल हैं।
एन ने कोर्ट पर बेहतरीन मूवमेंट और सटीक नियंत्रण के साथ 7-1 की बढ़त बनाई और फिर 15-9 तक स्कोर ले गईं। वांग ने थोड़ी वापसी करते हुए स्कोर 13-15 किया, लेकिन एन ने लगातार छह अंक लेकर पहला गेम जीत लिया।
दूसरे गेम में भी कहानी कुछ ऐसी ही रही। एन ने 11-7 की बढ़त बनाई, जबकि वांग लगातार गलतियां करती रहीं और मुकाबला जल्दी खत्म हो गया।
एन ने कहा, “मैं जीतकर बहुत खुश हूं। पिछले दो हफ्ते काफी थकाने वाले रहे, लेकिन मैं विजेता हूं और बहुत खुश हूं।”
अपनी लगातार सफलता पर उन्होंने कहा, “मुझे पता है कि हर खिलाड़ी मुझे हराने की पूरी कोशिश करेगा, लेकिन मैं भी न हारने की पूरी कोशिश करूंगी। मैं आक्रमण पर ध्यान देती हूं और अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करती हूं।”
दक्षिण कोरिया के सिंगल्स कोच ह्यूनिल ली ने कहा कि एन ने अपने खेल को और आक्रामक बनाने पर खास तौर पर काम किया है।
“वह ज्यादा आक्रामक खेलना चाहती हैं, इसलिए हम उसी के अनुसार ट्रेनिंग करते हैं। हम पावर और वेट मैनेजमेंट पर फोकस करते हैं।”
उन्होंने बताया कि एन मानसिक मजबूती के लिए मेंटल ट्रेनर के साथ भी काम कर रही हैं।
“यह उनकी जरूरतों के हिसाब से है। कोच की बात सिर्फ सुनना ही नहीं, बल्कि उस पर अमल करना उनकी खासियत है। इसी वजह से वह अपना स्तर बनाए रखती हैं।”
पीटीआई ATK PDS PDS
