
रायपुर, 22 जनवरी (PTI) — भारत के लिए खेलते हुए रिंकू सिंह को टीम में लंबे अंतराल होने के बावजूद डेथ ओवरों में प्रभाव डालने में ज्यादा समय नहीं लगता।
सितंबर में एशिया कप जीत के लिए खेले गए एकमात्र गेंद पर चौका मारकर चर्चा में आए रिंकू को ऑस्ट्रेलिया में टी20 सीरीज में ज्यादातर बेंच पर बैठना पड़ा। उस एक मैच में उन्होंने बल्लेबाजी का मौका भी नहीं पाया।
8 नवंबर की रात ब्रिसबेन में यह उनका नवीनतम भारत प्रदर्शन था, जब तक कि उन्होंने बुधवार रात को जोरदार वापसी नहीं की और 20 गेंदों में 44 नॉट आउट रन बनाकर मैच का पासा पलट दिया। उनकी दो छक्कों और चौकों की मदद से 20वें ओवर में डेरिल मिशेल से भारत ने 238/7 का स्कोर बनाया, जो ब्लैक कैप्स के लिए हासिल करना मुश्किल साबित हुआ।
शुभमन गिल के टॉप ऑर्डर में स्थिर रहने के कारण पहले रिंकू को प्लेइंग इलेवन में जगह देना कठिन था। अब गिल टीम से बाहर हैं, जिससे मैनेजमेंट विकेटकीपर संजू सैमसन को ओपनिंग में extended रन दे सकता है और रिंकू को हार्दिक पांड्या के साथ लोअर-ऑर्डर फिनिशर के रूप में खेलने का मौका मिलेगा।
भारत के स्पिन दिग्गज आर अश्विन ने कहा, “हार्दिक की असाधारण फिनिशिंग क्षमताओं से हम सभी परिचित हैं। (शिवम) दूबे फिनिशर नहीं हैं, वह स्पिन enforcer हैं। अब संजू सैमसन टॉप ऑर्डर में हैं और ईशान किशन लौट आए हैं। डेथ ओवरों में हार्दिक के साथ फिनिशर की जरूरत है। रिंकू से बेहतर कौन कर सकता है?”
डेथ ओवरों में उनके आंकड़े प्रभावशाली हैं। 36 टी20 में रिंकू ने ओवर 19 और 20 में 74 गेंदों में 213 रन बनाए हैं, स्ट्राइक रेट 287.83 के साथ। इस चरण में उन्होंने 22 छक्के लगाए हैं। उनके करियर के 35 प्रतिशत से अधिक रन अंतिम दो ओवरों में आए हैं।
बुधवार रात के उच्च दबाव वाले प्रदर्शन पर रिंकू ने शांत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “टीम में इन और आउट होने के कारण मुझ पर दबाव था। योजना थी सिंगल, डबल लेना और बीच-बीच में चौका मारना, और अंत तक रहकर मैच फिनिश करना। मैंने वही किया।”
भारत को आगामी टी20 वर्ल्ड कप में उनकी विशेष फिनिशिंग क्षमता और शांत मनोवृत्ति की आवश्यकता होगी।
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
SEO टैग्स: #swadesi, #News, इन एंड आउट रिंकू ने फिनिशर की भूमिका में दिखाया दम
