अल-होल (सीरिया), 21 जनवरी (एपी) — सीरियाई सरकार की सेनाओं ने बुधवार को उत्तर-पूर्वी सीरिया में स्थित एक विशाल शिविर पर पूर्ण नियंत्रण कर लिया, जहां इस्लामिक स्टेट (आईएस) समूह से जुड़े हजारों लोग रह रहे हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब सरकार और कुर्द लड़ाकों के बीच हुआ संघर्षविराम कायम होता दिख रहा है।
बख्तरबंद वाहनों का एक काफिला बुधवार को अल-होल शिविर में दाखिल हुआ। इससे पहले सरकार समर्थक बलों और कुर्द नेतृत्व वाली लड़ाकू ताकतों के बीच दो सप्ताह तक झड़पें हुई थीं, जिनमें कुर्द बलों ने वर्षों से नियंत्रित बड़े इलाकों पर से अपना कब्जा खो दिया। अमेरिका समर्थित और कुर्द नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज़ (एसडीएफ) अब सरकार की मांगों के अनुरूप सीरियाई सेना में विलय के पहले से कहीं अधिक करीब नजर आ रही हैं।
यह शिविर अपने नियंत्रण में लिए जाने की घटना एसडीएफ लड़ाकों द्वारा मंगलवार को इस सुविधा से हटने के एक दिन बाद हुई, जिसे वे वर्षों से चला रहे थे।
2019 में अपने चरम पर, अल-होल शिविर में लगभग 73,000 लोग रह रहे थे। इसके बाद कुछ देशों द्वारा अपने नागरिकों को वापस ले जाने के चलते संख्या में कमी आई है।
वर्तमान में शिविर में लगभग 24,000 लोग हैं, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं, जो इस्लामिक स्टेट से जुड़े बताए जाते हैं। इनमें करीब 14,500 सीरियाई और लगभग 3,000 इराकी शामिल हैं। इसके अलावा करीब 6,500 अन्य लोग, जिनमें से कई दुनिया भर से आईएस में शामिल होने आए कट्टर समर्थक हैं, शिविर के एक अलग और अत्यधिक सुरक्षित हिस्से में रखे गए हैं।
कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि अव्यवस्था के दौरान कुछ परिवार शिविर से भागने में सफल रहे, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एसोसिएटेड प्रेस के एक पत्रकार को शिविर के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई, लेकिन उन्होंने मुख्य प्रवेश द्वार पर बड़ी संख्या में सैनिकों को तैनात देखा।
मंगलवार देर रात सीरियाई सरकार और एसडीएफ ने एक नया चार दिवसीय संघर्षविराम घोषित किया, इससे पहले हुआ युद्धविराम टूट गया था। बुधवार को उत्तर-पूर्वी सीरिया में स्थिति अपेक्षाकृत शांत रही।
सोमवार को उत्तर-पूर्वी शहर शद्दादेह की एक जेल से आईएस सदस्यों के फरार होने को लेकर एसडीएफ और सरकार ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। इसके बाद भागे हुए कई कैदियों को सरकारी बलों ने पकड़ लिया, जिन्होंने जेल का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया, ऐसा सरकारी मीडिया ने बताया।
एसडीएफ अब भी एक दर्जन से अधिक जेलों के विशाल नेटवर्क पर नियंत्रण रखती है, जहां वर्षों से करीब 9,000 आईएस सदस्य बंद हैं। रविवार को घोषित एक समझौते के तहत इन जेलों का नियंत्रण एसडीएफ से सरकार को सौंपा जाना था, लेकिन यह प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे नहीं बढ़ सकी।
सबसे बड़ा निरोध केंद्र ग्वेरान जेल है, जिसे अब पैनोरमा कहा जाता है, जहां वर्षों से लगभग 4,500 आईएस से जुड़े बंदियों को रखा गया है। यह जेल हसाकेह शहर में स्थित है, जो अभी भी पूरी तरह एसडीएफ के नियंत्रण में है।
सीरिया के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हसन अब्दुल-घनी ने मंगलवार रात टीवी पर कहा कि सरकार “आईएस के साथ सीधे टकराव में थी और अब भी है।” उन्होंने कहा कि अधिकारी आईएस सदस्यों को रखने वाली जेलों का नियंत्रण लेने के लिए तैयार हैं और एक बार ऐसा होने पर इन्हें गृह मंत्रालय के अधीन कर दिया जाएगा।
आईएस को इराक में 2017 और सीरिया में दो साल बाद पराजित कर दिया गया था, लेकिन इसके स्लीपर सेल अब भी दोनों देशों में घातक हमले करते रहते हैं। आईएस को हराने में एसडीएफ की अहम भूमिका रही थी।
सीरिया के लिए अमेरिकी दूत टॉम बैरक ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि आईएस विरोधी प्रमुख बल के रूप में एसडीएफ की भूमिका “काफी हद तक समाप्त हो चुकी है, क्योंकि दमिश्क अब सुरक्षा जिम्मेदारियां संभालने के लिए इच्छुक और सक्षम है।” उन्होंने कहा कि “हालिया घटनाक्रम दिखाते हैं कि अमेरिका इस संक्रमण को सक्रिय रूप से सुगम बना रहा है, न कि एसडीएफ की अलग भूमिका को लंबा खींच रहा है।”
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