ईरान संघर्ष: खाड़ी में फंसे नागरिकों को निकालने को तैयार केंद्र, राज्य सरकारें हेल्पलाइन, कंट्रोल रूम स्थापित कर रही हैं।

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image posted on Feb. 18, 2026, Union Minister Pralhad Joshi with United Kingdom Deputy Prime Minister David Lammy during the launch of the India-UK Offshore Wind Taskforce. (@JoshiPralhad/X via PTI Photo) (PTI02_18_2026_000351B)

पृष्ठभूमि

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच केंद्र सरकार ने कहा कि वह खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए भारतीय दूतावासों के संपर्क में है। कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बैठक की और भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा पर चिंता जताई।

केंद्र सरकार की तैयारी

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि केंद्र पूरी तरह तैयार है और प्रभावित लोगों को सुरक्षित लाने के लिए दूतावास अधिकारियों से चर्चा हो चुकी है। उन्होंने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं, सरकार सभी भारतीयों को सुरक्षित वापस लाएगी, जैसा यूक्रेन संकट में किया था। वर्तमान में हवाई क्षेत्र बंद होने से उड़ानें संभव नहीं, लेकिन जैसे ही अनुमति मिलेगी, विशेष या नियमित उड़ानों से इंतजाम होगा।

राज्य सरकारों की कार्रवाई

  1. कर्नाटक: सीएम सिद्धरामैया ने पीएम को पत्र लिखकर निकासी की तैयारी की मांग की। 109 लोग फंसे हैं (100 दुबई में, 9 बहरीन में), राज्य आपातकालीन केंद्र सक्रिय हैं।​
  2. आंध्र प्रदेश: एनआरआई मंत्री के. श्रीनिवास ने तेलुगु लोगों के लिए हेल्पलाइन शुरू की, मुस्कट (ओमान) से कोच्चि उड़ानों का सुझाव दिया। लगभग 10 लाख तेलुगु रहते हैं, 30 कॉल आए।​
  3. तेलंगाना: दिल्ली में तेलंगाना भवन पर कंट्रोल रूम स्थापित, एमईए और दूतावासों से संपर्क।​
  4. पंजाब: सीएम भगवंत मान ने 24×7 हेल्पलाइन शुरू की, केंद्र से हस्तक्षेप की मांग।​

संघर्ष का संदर्भ

अमेरिका और इज़राइल के ईरान पर हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सुप्रीम लीडर की मौत हुई। हवाई क्षेत्र बंद, हजारों भारतीय (लगभग 96 लाख मिडिल ईस्ट में) फंसे हैं। एमईए ने विभिन्न देशों के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन जारी कीं, जैसे यूएई: 800-46342।