
वेस्ट पाम बीच (अमेरिका), 26 दिसंबर (एपी): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार रात कहा कि उन्होंने नाइजीरिया में इस्लामिक स्टेट (आईएस) के ठिकानों पर “शक्तिशाली और घातक हमला” किया है। उन्होंने यह कदम ऐसे समय उठाया है, जब वे पिछले कई हफ्तों से ईसाइयों को निशाना बनाए जाने को लेकर इस समूह की कड़ी आलोचना कर रहे थे।
राष्ट्रपति के सोशल मीडिया पोस्ट में यह जानकारी नहीं दी गई कि यह हमला कैसे किया गया और इसके क्या परिणाम रहे। व्हाइट हाउस ने भी तत्काल कोई अतिरिक्त विवरण साझा नहीं किया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर लिखा, “आज रात, कमांडर-इन-चीफ के रूप में मेरे निर्देश पर, संयुक्त राज्य अमेरिका ने उत्तर-पश्चिमी नाइजीरिया में आईएसआईएस के आतंकवादी गुंडों के खिलाफ एक शक्तिशाली और घातक हमला किया, जो मुख्य रूप से निर्दोष ईसाइयों को निशाना बना रहे थे और क्रूरता से उनकी हत्या कर रहे थे— ऐसे स्तर पर जो कई वर्षों, बल्कि सदियों में भी नहीं देखा गया।”
पिछले महीने ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने ईसाइयों पर हो रहे कथित अत्याचारों के दावों के बाद नाइजीरिया में संभावित सैन्य कार्रवाई की योजना बनाने का निर्देश पेंटागन को दिया है। इसके बाद हाल के हफ्तों में अमेरिकी विदेश विभाग ने घोषणा की कि वह पश्चिमी अफ्रीकी देश में ईसाइयों के खिलाफ सामूहिक हत्याओं और हिंसा में शामिल नाइजीरियाइयों और उनके परिवार के सदस्यों के वीज़ा प्रतिबंधित करेगा।
हाल ही में अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत नाइजीरिया को “विशेष चिंता का देश” (Country of Particular Concern) घोषित किया है।
ट्रंप ने क्रिसमस की रात अपने पोस्ट में लिखा, “मैं पहले ही इन आतंकवादियों को चेतावनी दे चुका था कि अगर उन्होंने ईसाइयों का कत्लेआम नहीं रोका, तो उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी— और आज रात वही हुआ।” उन्होंने कहा कि अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने “कई सटीक हमलों को अंजाम दिया, जैसा कि केवल संयुक्त राज्य अमेरिका ही कर सकता है।”
राष्ट्रपति ने आगे कहा, “हमारा देश कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद को पनपने नहीं देगा।”
(एपी) आरसी
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