उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश बनने वाले प्रस्तावित न्यायाधीशों का अग्रिम तबादला करेगा एससी कॉलेजियम

New Delhi: A view of Supreme Court of India, in New Delhi, Tuesday, Dec. 16, 2025. (PTI Photo/Shahbaz Khan)(PTI12_16_2025_000045B)

नई दिल्ली, 27 फरवरी (पीटीआई) — सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने एक “नीतिगत निर्णय” लिया है कि जिस न्यायाधीश को किसी उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने का प्रस्ताव है, उसका तबादला रिक्ति उत्पन्न होने से काफी पहले, अधिमानतः दो महीने पूर्व कर दिया जाए।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने कहा कि यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि संबंधित न्यायाधीश उस उच्च न्यायालय के कामकाज से भली-भांति परिचित हो सके और वर्तमान मुख्य न्यायाधीश के सेवानिवृत्त होते ही तुरंत पदभार ग्रहण कर सके।

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर जारी बयान में कहा गया, “न्याय प्रशासन की दक्षता और गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यह नीतिगत निर्णय लिया गया है कि जिस न्यायाधीश को किसी उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाया जाना प्रस्तावित है, उसका तबादला रिक्ति उत्पन्न होने से पहले, अधिमानतः दो महीने पूर्व किया जा सकता है।”

इस नीतिगत निर्णय के तहत कॉलेजियम ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की न्यायाधीश जस्टिस लिसा गिल का आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में तबादला करने और वहां रिक्ति उत्पन्न होने की तिथि से उन्हें मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश करने का निर्णय लिया।

26 फरवरी को हुई बैठक में कॉलेजियम ने केरल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी को 5 मार्च 2026 को वर्तमान मुख्य न्यायाधीश के सेवानिवृत्त होने के बाद मद्रास उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की भी सिफारिश की।

एक अलग बयान में कॉलेजियम ने नौ अधिवक्ताओं — एमडी नदीम सेराज, रंजन कुमार झा, कुमार मनीष, संजीव कुमार, गिरिजीश कुमार, आलोक कुमार, राज कुमार, राणा विक्रम सिंह और विकास कुमार — को पटना उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। (पीटीआई)