उच्च भत्ते की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने क्रिकेटर मोहम्मद शमी को नोटिस जारी किया

नई दिल्ली, 7 नवंबर (पीटीआई): सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को क्रिकेटर मोहम्मद शमी को उनकी अलग रह रही पत्नी द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया है। पत्नी ने अपने और उनकी नाबालिग बेटी के लिए दिए गए अंतरिम भत्ते की राशि बढ़ाने की मांग की है।

मामला और याचिका

  1. नोटिस: न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा 1 जुलाई और 25 अगस्त को पारित किए गए दो आदेशों को चुनौती देने वाली शमी की पत्नी की याचिका पर शमी से जवाब मांगा है।
  2. हाईकोर्ट का फैसला: उच्च न्यायालय ने शमी द्वारा देय अंतरिम भत्ते की राशि बढ़ाकर उनकी पत्नी के लिए 1.5 लाख रुपये प्रति माह और उनकी बेटी के लिए 2.5 लाख रुपये प्रति माह कर दी थी, जबकि क्रिकेटर को आठ मासिक किश्तों में बकाया चुकाने की अनुमति दी थी।
  3. सुप्रीम कोर्ट में मांग: शीर्ष अदालत में दायर अपनी याचिका में, शमी की पत्नी ने तर्क दिया है कि क्रिकेटर की वित्तीय स्थिति और “आलीशान जीवनशैली” को देखते हुए, उन्हें दी गई राशि “अत्यधिक अपर्याप्त” है।
  4. मांगा गया भत्ता: उन्होंने अपने लिए 7 लाख रुपये प्रति माह और अपनी बेटी के लिए 3 लाख रुपये प्रति माह के भत्ते की मांग की है।

वित्तीय स्थिति पर दलीलें

  1. आय का दावा: याचिका में बताया गया है कि शमी की 2021-22 के लिए आयकर रिटर्न में घोषित वार्षिक आय लगभग 48 करोड़ रुपये थी, जबकि उन्हें “दयनीय परिस्थितियों” में रहने के लिए मजबूर किया गया है और उन्हें बुनियादी खर्चों को पूरा करने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
  2. संपत्ति: याचिका में शमी के रेंज रोवर, जगुआर, मर्सिडीज और टोयोटा फॉर्च्यूनर सहित लक्जरी वाहनों के स्वामित्व पर भी प्रकाश डाला गया है।

कानूनी घटनाक्रम की समयरेखा

  1. विवाह: दंपति ने अप्रैल 2014 में शादी की थी।
  2. घरेलू हिंसा का आरोप: 2018 में, शमी की पत्नी ने कोलकाता के जादवपुर पुलिस स्टेशन में घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए एक FIR दर्ज कराई थी, जिसके बाद क्रिकेटर के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था।
  3. भत्ता याचिका: बाद में उन्होंने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के तहत अंतरिम भत्ते की मांग करते हुए एक अदालत का रुख किया था।
  4. निचली अदालतों के आदेश:
  5. ट्रायल कोर्ट (पहला आदेश): बच्चे के लिए शुरू में 80,000 रुपये प्रति माह मंजूर किए गए थे, लेकिन पत्नी को भत्ता देने से इनकार कर दिया गया था।
  6. सेशन कोर्ट (2023): अपील पर, सेशन कोर्ट ने उन्हें 50,000 रुपये और बच्चे को 80,000 रुपये का भत्ता दिया था।
  7. कलकत्ता हाईकोर्ट (जुलाई 1): इस आदेश के माध्यम से राशि को क्रमशः 1.5 लाख रुपये और 2.5 लाख रुपये तक बढ़ा दिया गया था।
  8. कलकत्ता हाईकोर्ट (अगस्त 25): इस आदेश ने शमी को किश्तों में बकाया चुकाने की अनुमति दी थी।

सीनियर एडवोकेट शोभा गुप्ता ने क्रिकेटर की अलग रह रही पत्नी की ओर से अदालत में पेश हुईं।

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