नैनीताल, 17 फरवरी (PTI) – बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों की मरम्मत के लिए 2012 से 2017 के बीच जारी किए गए निधियों के कथित दुरुपयोग से संबंधित एक जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान, उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और मंदिर समिति को तीन सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुबोध उपाध्याय की एक डिविजन बेंच ने रिषिकेश निवासी अमित शर्मा द्वारा दायर याचिका की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद निर्धारित की है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि 2012 से 2017 के बीच बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों की मरम्मत के लिए जारी निधियों का दुरुपयोग किया गया।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि निधियों का उपयोग उन मंदिरों पर किया गया जो बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते।
इसके अतिरिक्त याचिका में दावा किया गया है कि कई अवैध नियुक्तियाँ उचित मंजूरी के बिना की गईं, और कुछ पसंदीदा व्यक्तियों को निर्धारित नियमों के उल्लंघन में मंदिर सेवाओं में नियुक्त किया गया।
याचिकाकर्ता ने अदालत से इस मामले की जांच का आदेश देने का अनुरोध किया है। PTI DPT PRK
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