
सियोल, 11 मार्च (एपी) उत्तर कोरिया के नेता Kim Jong Un और उनकी किशोर बेटी ने युद्धपोत से दागी गई रणनीतिक क्रूज़ मिसाइलों के परीक्षण का निरीक्षण किया। सरकारी मीडिया ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
Korean Central News Agency (केसीएनए) द्वारा जारी तस्वीरों में दोनों एक कॉन्फ्रेंस रूम में स्क्रीन पर हथियारों के प्रक्षेपण को देखते दिखाई दिए। ये मिसाइलें Choe Hyon नामक लगभग एक साल पुराने नौसैनिक विध्वंसक जहाज से दागी गई थीं।
रिपोर्ट के अनुसार, किम जोंग उन ने मंगलवार को वीडियो के जरिए मिसाइल प्रक्षेपण देखा और “शक्तिशाली और भरोसेमंद परमाणु युद्ध प्रतिरोध क्षमता” बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। केसीएनए की रिपोर्ट में उनकी बेटी का उल्लेख नहीं किया गया।
बताया जाता है कि लड़की का नाम Kim Ju Ae है और उसकी उम्र लगभग 13 साल है। वह 2022 के अंत से अपने पिता के साथ कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, जैसे सैन्य परेड और हथियार परीक्षणों में दिखाई देती रही है। पिछले महीने दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने आकलन किया था कि किम जोंग उन उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित करने के करीब हैं।
केसीएनए ने बताया कि मिसाइलें उत्तर कोरिया के पश्चिमी तट के पास स्थित लक्ष्य द्वीपों पर जाकर लगीं। रिपोर्ट में किम जोंग उन के हवाले से कहा गया कि इन प्रक्षेपणों का उद्देश्य नौसेना की रणनीतिक आक्रामक क्षमता को प्रदर्शित करना और सैनिकों को हथियारों के उपयोग का अभ्यास कराना था।
किम जोंग उन ने पिछले सप्ताह भी इसी जहाज से क्रूज़ मिसाइलों के प्रक्षेपण का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया था, लेकिन उस समय उनकी बेटी वहां नहीं दिखी थीं।
मंगलवार का यह मिसाइल परीक्षण उस समय हुआ जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अपने वार्षिक सैन्य अभ्यास Freedom Shield की शुरुआत की। उत्तर कोरिया इन अभ्यासों को अपने खिलाफ संभावित आक्रमण की तैयारी मानता है।
मंगलवार को किम जोंग उन की बहन और वरिष्ठ अधिकारी Kim Yo Jong ने कहा कि ये अभ्यास एक बार फिर अमेरिका और दक्षिण कोरिया की उत्तर कोरिया के प्रति “जड़ जमाई शत्रुता” को दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया अपने दुश्मनों को अपनी युद्ध प्रतिरोध क्षमता का एहसास कराएगा।
सोमवार से शुरू हुआ 11-दिवसीय ‘फ्रीडम शील्ड’ अभ्यास मुख्य रूप से कंप्यूटर-सिमुलेटेड कमांड पोस्ट अभ्यास है और इसके साथ फील्ड प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाया जाएगा। आम तौर पर उत्तर कोरिया इन सैन्य अभ्यासों के जवाब में अपने हथियार परीक्षण करता है।
