
बेंगलुरु, 2 अप्रैल (भाषा)। स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने गुरुवार को कहा कि एआई-सक्षम निगरानी प्रणाली की शुरुआत से कर्नाटक के सार्वजनिक-निजी भागीदारी डायलिसिस कार्यक्रम के तहत रोगी की सुरक्षा और उपचार की गुणवत्ता में काफी वृद्धि होगी।
बेंगलुरु के केसी जनरल अस्पताल में एआई आधारित स्मार्ट निगरानी प्रणाली का शुभारंभ करते हुए मंत्री ने कहा कि इस तरह के तकनीकी नवाचार निजी स्वास्थ्य देखभाल मानकों के बराबर पीपीपी मॉडल के तहत डायलिसिस सेवाएं प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा, “एआई-सक्षम निगरानी प्रणाली की शुरुआत कर्नाटक के पीपीपी डायलिसिस कार्यक्रम के तहत रोगी की सुरक्षा और उपचार की गुणवत्ता को काफी मजबूत करेगी।
एक बयान में कहा गया है कि डायलिसिस देखभाल प्रदाता नेफ्रोप्लस द्वारा शुरू की गई प्रणाली, डायलिसिस के दौरान रक्तचाप, तरल पदार्थ हटाने और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन जैसे महत्वपूर्ण उपचार मापदंडों की वास्तविक समय की निगरानी को सक्षम बनाती है, जिसका उद्देश्य निरंतर निरीक्षण के माध्यम से रोगी के परिणामों में सुधार करना है।
नेफ्रोप्लस ने एक बयान में कहा कि वर्तमान में सात डायलिसिस केंद्रों में तैनात, प्लेटफॉर्म 28 प्रमुख मापदंडों को ट्रैक करता है, जिसमें रोगी देखभाल, सुरक्षा, बिस्तर की उपलब्धता, कर्मचारियों की सतर्कता, आपातकालीन तैयारी, संक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता और परिचालन दक्षता शामिल हैं।
यह प्रशासकों और नैदानिक टीमों को निरंतर प्रदर्शन निगरानी के माध्यम से डेटा-संचालित निर्णय लेने की अनुमति देता है।
अधिकारियों ने कहा कि प्रौद्योगिकी समय-समय पर ऑडिट की जगह हमेशा निगरानी करती है, जो एक अधिक पारदर्शी और मजबूत शासन ढांचा प्रदान करती है।
नेफ्रोप्लस के सीईओ रोहित सिंह ने कहा कि डायलिसिस देखभाल में निरंतर निगरानी महत्वपूर्ण है और एआई-आधारित प्रणाली रोगियों के लिए सुरक्षित और अधिक विश्वसनीय उपचार को सक्षम करते हुए केंद्रों में लगातार गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करती है।
लॉन्च इवेंट में डायलिसिस प्रक्रियाओं की वास्तविक समय ट्रैकिंग को प्रदर्शित करते हुए एआई-संचालित डैशबोर्ड का एक लाइव प्रदर्शन भी दिखाया गया। पीटीआई जीएमएस केएच
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