
दावोस, 20 जनवरी (पीटीआई): माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने मंगलवार को कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उद्देश्य सभी के जीवन में सुधार लाना होना चाहिए—चाहे वह शिक्षा के बेहतर नतीजे हों या सार्वजनिक क्षेत्र की कार्यकुशलता में वृद्धि।
विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) की वार्षिक बैठक के दौरान एक सत्र में बोलते हुए नडेला ने कहा कि अगर एआई को लेकर सारी चर्चा केवल आपूर्ति पक्ष या तकनीकी कंपनियों तक सीमित रह जाती है, तो यह ‘बबल’ बनने का स्पष्ट संकेत होगा।
उन्होंने कहा कि एआई की भूमिका को जीवन के हर पहलू में परखने की जरूरत है—जैसे दवा कंपनियों को जरूरी दवाएं तेजी से बाजार तक पहुंचाने में मदद करना या क्लीनिकल ट्रायल्स की प्रक्रिया को तेज करना।
नडेला ने केवल खर्च बढ़ाने के बजाय एआई आधारित आर्थिक विकास पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि एआई और अन्य उन्नत तकनीकें किस तरह उत्पादकता बढ़ा रही हैं और काम करने के तरीकों को बदल रही हैं।
उन्होंने कहा, “एक वैश्विक समुदाय के रूप में हमें उस स्तर तक पहुंचना होगा, जहां हम एआई का इस्तेमाल ऐसे उपयोगी कामों के लिए करें जो लोगों, समुदायों, देशों और उद्योगों के नतीजों को वास्तव में बदल दें।”
नडेला ने यह भी कहा कि एआई क्रांति को टिकाऊ बनाने के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बीच सहयोग जरूरी है, ताकि पर्याप्त ऊर्जा अवसंरचना सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने डेटा संप्रभुता (डेटा सॉवरेन्टी) और तथाकथित एआई बबल के जोखिम पर भी बात की।
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ ने कहा कि एआई के लाभ “काफी अधिक समान रूप से वितरित” होने चाहिए, ताकि यह एक बबल में तब्दील होने से बच सके।
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