
नई दिल्ली, 19 फरवरी (पीटीआई) — भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षेत्र में प्रगति का प्रदर्शन गुरुवार को यहां आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में देखने को मिला। उनके संबोधन का 11 भाषाओं में लाइव डबिंग के साथ-साथ एआई-सक्षम सांकेतिक भाषा में भी रियल टाइम अनुवाद किया गया।
एआई आधारित सांकेतिक भाषा अनुवाद को भारत मंडपम के ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री के पीछे बड़ी स्क्रीन पर प्रदर्शित किया गया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि भाषण सभी के लिए सुलभ हो।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को संबोधित करते हुए मोदी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में सुगमता और समावेशन के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
उनके भाषण के दौरान एआई तकनीक के माध्यम से सांकेतिक भाषा में रियल टाइम अनुवाद की व्यवस्था की गई, ताकि दिव्यांगजन भी कार्यक्रम की कार्यवाही से पूरी तरह जुड़ सकें।
भाषण का लाइव डबिंग 11 भाषाओं — असमिया, बांग्ला, अंग्रेजी, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओड़िया, पंजाबी, तमिल और तेलुगु — में किया गया।
बहुभाषी और सांकेतिक भाषा अनुवाद वाले वीडियो प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया खातों पर भी साझा किए गए।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत नवाचार को बढ़ावा देता रहेगा, जो विभाजन को पाटे और हर नागरिक को सशक्त बनाए।
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “एआई इम्पैक्ट समिट में मेरे भाषण में एआई के जरिए सांकेतिक भाषा में रियल टाइम अनुवाद शामिल था। यह एआई के संदर्भ में सुगमता और समावेशन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हम हमेशा यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे कि तकनीक और सार्वजनिक विमर्श दिव्यांगजनों के लिए सुलभ हो।”
