नई दिल्ली, 30 जून (पीटीआई) — सरकारी स्वामित्व वाली एनएचपीसी ने सोमवार को कहा कि कंपनी सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना की 250-250 मेगावाट की 3 इकाइयों की कमीशनिंग प्रक्रिया शुरू करने के लिए नेशनल डैम सेफ्टी अथॉरिटी (NDSA) से मंजूरी का इंतजार कर रही है।
विद्युत मंत्रालय के तहत एनएचपीसी 2,000 मेगावाट की सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना का निर्माण कर रही है।
26 मई को एनएचपीसी ने कहा था कि कंपनी जून में सुबनसिरी लोअर परियोजना की 3 इकाइयों (प्रत्येक 250 मेगावाट) की कमीशनिंग प्रक्रिया शुरू करने की योजना बना रही है। शेष 5 इकाइयों (प्रत्येक 250 मेगावाट) के मई 2026 तक चरणबद्ध तरीके से पूरा होने की उम्मीद है।
एनएचपीसी ने एक फाइलिंग में कहा, “हमारे पूर्व के पत्रों के क्रम में… यह सूचित किया जाता है कि सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना की 3 इकाइयों (प्रत्येक 250 मेगावाट) के वाणिज्यिक संचालन के लिए एनडीएसए से मंजूरी का इंतजार है। इस संबंध में आगे की प्रगति समय-समय पर सूचित की जाएगी।”
सुबनसिरी लोअर परियोजना भारत की अब तक की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना है और यह एक रन-ऑफ-रिवर परियोजना है, जिसमें सुबनसिरी नदी पर जल भंडारण किया गया है।
यह परियोजना अरुणाचल प्रदेश और असम की सीमा पर, नॉर्थ लखीमपुर के पास स्थित है। निकटतम रेलवे स्टेशन नागांव है और निकटतम हवाई अड्डा लीलाबाड़ी/डिब्रूगढ़ है।
परियोजना से 90 प्रतिशत विश्वसनीय वर्ष में अनुमानित वार्षिक ऊर्जा उत्पादन 7,421.59 मिलियन यूनिट (MU) है।

