
नई दिल्ली, 1 फरवरी (पीटीआई) कांग्रेस ने रविवार को अमेरिका में जारी एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी कथित “जानकारियों” को लेकर उनसे जवाब मांगा और कहा कि प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर खुलकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
कांग्रेस के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “एपस्टीन फाइल्स की नई खेप की रिपोर्ट इस बात की गंभीर चेतावनी है कि किस तरह के ‘खतरनाक लोगों’ की प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंच है और वह विदेशी दबाव या प्रभाव के प्रति कितने संवेदनशील हैं।”
उन्होंने कहा, “कांग्रेस मांग करती है कि प्रधानमंत्री स्वयं सामने आकर इन चिंताजनक खुलासों पर सफाई दें, जो गंभीर सवाल खड़े करते हैं।” वेणुगोपाल ने सवाल किया, “क्या प्रधानमंत्री ने जेफ्री एपस्टीन से मुलाकात की थी? या किसी को उनसे मिलने भेजा था? एपस्टीन के साथ उनकी बातचीत किस बारे में थी?”
एपस्टीन फाइल्स में अमेरिकी फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन और उसकी सहयोगी घिस्लेन मैक्सवेल के खिलाफ सेक्स तस्करी से जुड़ी दो आपराधिक जांचों से संबंधित हजारों पन्नों के दस्तावेज शामिल हैं। इनमें यात्रा लॉग, रिकॉर्डिंग और ईमेल भी हैं। 2019 में एपस्टीन की हिरासत में मौत के बाद से ये दस्तावेज चर्चा में रहे हैं।
वेणुगोपाल ने दावा किया कि इससे भी ज्यादा चिंताजनक यह रिपोर्ट है कि जब भारत की विदेश नीति में बड़े बदलाव हो रहे थे, तब प्रधानमंत्री मोदी कथित रूप से एपस्टीन जैसे “दागी” लोगों के इशारों पर चल रहे थे, ताकि “विदेशी ताकतों” को फायदा पहुंचाया जा सके।
उन्होंने कहा, “देश की जनता जवाब की हकदार है।”
कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने भी कहा, “प्रधानमंत्री को खुद इस पर सफाई देनी चाहिए।” वहीं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सवाल उठाया कि क्या 2019 के चुनावों के आसपास प्रधानमंत्री मोदी किसी “कलंकित” अमेरिकी नागरिक जैसे एपस्टीन के संपर्क में थे।
इससे पहले शनिवार को भाजपा ने कांग्रेस पर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि जेफ्री एपस्टीन से जुड़े जांच दस्तावेजों के एक सामान्य ईमेल अंश को तोड़-मरोड़कर राजनीतिक बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। भाजपा ने दावा किया कि दोनों के बीच किसी भी तरह के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संपर्क का “कोई सबूत नहीं” है।
विदेश मंत्रालय ने भी एपस्टीन से जुड़ी जांच फाइल्स में प्रधानमंत्री मोदी के संदर्भ को सिरे से खारिज करते हुए इसे “एक दोषी अपराधी की भद्दी और बेबुनियाद कल्पना” बताया, जिसे “पूरी तरह तिरस्कार के साथ खारिज किया जाना चाहिए।” (पीटीआई) SKC ARI
