
नई दिल्ली, 1 फरवरी (पीटीआई) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है और बजट समाज के सभी वर्गों की जरूरतों को संबोधित करता है।
उन्होंने कहा, “पूरे सम्मान के साथ कहूं तो मुझे नहीं पता कि वह (राहुल गांधी) किस ‘कोर्स करेक्शन’ की बात कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था और उसकी बुनियाद मजबूत है। वैश्विक अनिश्चितता के कारण हमारे कई सेक्टर प्रभावित हैं, जिनके लिए हमने छोटे और मध्यम उद्यमों, वस्त्र, चमड़ा… किसानों और महिला उद्यमियों के लिए कई अलग-अलग योजनाएं शुरू की हैं।”
बजट के बाद मीडिया से पारंपरिक बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार आम छोटे लोगों तक पहुंच बना रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ मिले।
वह राहुल गांधी की सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रही थीं, जिसमें उन्होंने लिखा था, “बिना नौकरी के युवा। गिरता विनिर्माण। निवेशकों का पूंजी निकालना। घरेलू बचत में गिरावट। संकट में किसान। आने वाले वैश्विक झटके — सब नजरअंदाज। एक ऐसा बजट जो सुधार से इनकार करता है और भारत के असली संकटों से आंखें मूंदे हुए है।”
सीतारमण ने कहा कि ‘लखपति दीदी’ योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के जीवन में शानदार बदलाव लाया है। उन्होंने बताया कि सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर (SHE) मार्ट्स की स्थापना की जाएगी, जो क्लस्टर स्तर की फेडरेशनों के भीतर सामुदायिक स्वामित्व वाले खुदरा आउटलेट होंगे और इन्हें बेहतर एवं नवोन्मेषी वित्तीय साधनों के जरिए समर्थन दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “हम गरीबों तक, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों या ग्रामीण इलाकों में रहने वालों तक पहुंच बना रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत बनी हुई है और यह आर्थिक सर्वेक्षण में भी सामने आया है। तो खैर, राजनीतिक तौर पर आप आलोचना करना चाहते हैं… आपका स्वागत है, कीजिए। लेकिन अगर आप उन तथ्यों के साथ आएं जिनके आधार पर आप अपना तर्क दे रहे हैं, तो मैं सुनने और जवाब देने को तैयार हूं।”
इससे पहले दिन में लोकसभा में बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कहा, “पिछले 12 वर्षों से जब से हमने पद संभाला है, भारत की आर्थिक यात्रा स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन, सतत विकास और मध्यम मुद्रास्फीति से चिह्नित रही है। यह उन सचेत निर्णयों का परिणाम है, जो हमने अधिक अनिश्चितता और व्यवधान के समय भी लिए हैं।”
उन्होंने कहा, “हमने व्यापक संरचनात्मक सुधार, राजकोषीय संयम और मौद्रिक स्थिरता अपनाई है, साथ ही सार्वजनिक निवेश पर मजबूत जोर बनाए रखा है। आत्मनिर्भरता को मार्गदर्शक मानते हुए हमने घरेलू विनिर्माण क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया है और महत्वपूर्ण आयात निर्भरताओं को कम किया है।” (पीटीआई) DP ANZ DP MR
