एमपी में ‘गर्भ संस्कार’ की पढ़ाई होगी; सरकारी अस्पतालों में बनेंगे ‘गर्भ संस्कार कक्ष’: सीएम यादव

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image posted on Jan. 17, 2026, Union Road Transport and Highways Minister Nitin Gadkari is being greeted by Madhya Pradesh Chief Minister Mohan Yadav, in Bhopal. (@DrMohanYadav51/X via PTI Photo)(PTI01_17_2026_000224B)

इंदौर, 1 फरवरी (पीटीआई) मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को घोषणा की कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में ‘गर्भ संस्कार’ की शिक्षा दी जाएगी और सरकारी अस्पतालों में इसके लिए समर्पित ‘गर्भ संस्कार कक्ष’ स्थापित किए जाएंगे।

‘गर्भ संस्कार’ को भावी पीढ़ियों को सशक्त बनाने का माध्यम बताते हुए यादव ने कहा कि राज्य सरकार इस प्रथा को संस्थागत रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्राचीन भारतीय परंपरा गर्भवती महिला के विचारों, आहार और आचरण के माध्यम से भ्रूण के शारीरिक और मानसिक विकास को सुनिश्चित करती है।

मुख्यमंत्री इंदौर में ‘दिव्य संतान प्रकल्प’ के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जो ‘गर्भ संस्कार’ को बढ़ावा देने की पहल है। इस अवसर पर उन्होंने विषय से संबंधित एक पुस्तक का भी विमोचन किया।

पौराणिक पात्रों अभिमन्यु और अष्टावक्र का उल्लेख करते हुए यादव ने कहा कि ‘गर्भ संस्कार’ का सनातन संस्कृति में हमेशा विशेष महत्व रहा है और यह आने वाली पीढ़ियों को शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से मजबूत बना सकता है।

उन्होंने कहा, “अब एलोपैथी के विशेषज्ञ भी गर्भ संस्कार के महत्व को स्वीकार कर रहे हैं। मेरी बेटी स्वयं स्त्री रोग विशेषज्ञ है और वह भी अपने अस्पताल में गर्भ संस्कार का अभ्यास करती है।”

यादव ने बताया कि राज्य के सभी मेडिकल विश्वविद्यालयों में ‘गर्भ संस्कार’ के अध्ययन की व्यवस्था की जाएगी और इसके लिए शीघ्र ही एक राजपत्र अधिसूचना जारी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि भविष्य में आयुष और एलोपैथी पद्धतियों का पालन करने वाले सरकारी अस्पतालों में भी ‘गर्भ संस्कार कक्ष’ स्थापित किए जाएंगे।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता सुरेश ‘भैय्याजी’ जोशी ने कहा कि खासकर युवा दंपतियों को इस विषय का गंभीरता से अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने लोगों द्वारा इसे व्यक्तिगत आचरण के स्तर पर अपनाने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

हिंदू स्पिरिचुअल एंड सर्विस फाउंडेशन से जुड़ी डॉ. संध्या एस. चौकसे ने बताया कि कार्यक्रम में 101 दंपतियों ने भी भाग लिया और उन्होंने आने वाले समय में संतान प्राप्ति के लिए ‘गर्भ संस्कार’ प्रक्रिया अपनाने का संकल्प लिया है। (पीटीआई) HWP LAL NR