
ब्राजील की प्रमुख विमान निर्माता कंपनी एम्ब्रेयर (Embraer) भारत में अपने वाणिज्यिक, बिजनेस जेट, सैन्य विमान और ईवीटीओएल (eVTOL) क्षेत्रों में बड़े अवसर देख रही है। कंपनी के सीईओ फ्रांसिस्को गोम्स नेटो के अनुसार, भारत के तेजी से बढ़ते विमानन बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एम्ब्रेयर ने नई दिल्ली में अपनी पूरी तरह से स्वामित्व वाली भारतीय सहायक कंपनी स्थापित की है।
मुख्य बिंदु:
- एम्ब्रेयर फिलहाल इंडिगो और एयर इंडिया के साथ अपने E-2 विमान (जिसमें अधिकतम 146 सीटें हो सकती हैं) की बिक्री को लेकर बातचीत कर रही है।
- कंपनी ने भारत में सप्लाई चेन, प्रोक्योरमेंट और इंजीनियरिंग के लिए टीम बनाने की योजना बनाई है, जिससे भारतीय आपूर्ति श्रृंखला से पुर्जे और सेवाएँ प्राप्त की जा सकें।
- एम्ब्रेयर भारत में सरकारी संबंध, संचार, प्रोक्योरमेंट, इंजीनियरिंग, सेल्स और मार्केटिंग के लिए लोगों की भर्ती कर रही है।
- वर्तमान में भारत में लगभग 50 एम्ब्रेयर विमान और 11 अलग-अलग प्रकार के विमान परिचालन में हैं, जिनका उपयोग वाणिज्यिक, बिजनेस एविएशन और रक्षा क्षेत्रों में किया जा रहा है।
- क्षेत्रीय एयरलाइन स्टार एयर पूरी तरह एम्ब्रेयर के बेड़े के साथ उड़ान भरती है, जिसमें E175 और ERJ145 विमान शामिल हैं।
- भारतीय वायुसेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) सरकारी अधिकारियों और वीआईपी के परिवहन के लिए एम्ब्रेयर के लिगेसी 600 विमान का उपयोग करते हैं, वहीं ‘नेत्र’ AEW&C विमान भी एम्ब्रेयर ERJ145 प्लेटफॉर्म पर आधारित है।
- रक्षा क्षेत्र में, एम्ब्रेयर और महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स ने फरवरी 2024 में भारतीय वायुसेना के मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MTA) कार्यक्रम के लिए C-390 मिलेनियम विमान को लेकर समझौता किया है।
- ईवीटीओएल (इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग) विमान के लिए भी भारत में संभावनाएँ देखी जा रही हैं, जो शहरी मोबिलिटी के लिए भविष्य का समाधान माने जा रहे हैं।
भविष्य की योजनाएँ:
- एम्ब्रेयर भारत में MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सुविधा स्थापित करने पर विचार कर सकती है, यदि विमान ऑर्डर पर्याप्त मात्रा में मिलते हैं3।
- कंपनी भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी कर स्थानीय स्तर पर विमान निर्माण या असेंबली की संभावनाएँ भी तलाश रही है, लेकिन इसके लिए ऑर्डर मिलना जरूरी।
एम्ब्रेयर भारत को अपने लिए एक “कुंजी बाजार” मानती है और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत भारतीय एयरोस्पेस और डिफेंस उद्योग के साथ सहयोग को गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इंडिगो और एयर इंडिया के साथ बातचीत, स्थानीय सप्लाई चेन में निवेश और रक्षा क्षेत्र में साझेदारी के माध्यम से कंपनी भारत में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने की दिशा में अग्रसर है।
