
नई दिल्ली, 4 फरवरी (पीटीआई) सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मद्रास हाईकोर्ट के उस अंतरिम आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें तमिलनाडु सरकार को राज्य संचालित विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति करने में सक्षम बनाने वाले संशोधित प्रावधान पर रोक लगा दी गई थी।
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्य कांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ तमिलनाडु सरकार द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें मई 2025 में हाईकोर्ट की अवकाशकालीन पीठ द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी गई थी।
राज्य सरकार ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने की भी याचिका दायर की थी।
पीठ ने कहा कि राज्य को अपनी बात रखने का उचित अवसर दिया जाना आवश्यक था। इसी आधार पर पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए वापस हाईकोर्ट भेज दिया।
पीठ ने स्पष्ट किया, “चूंकि हम यह आदेश मुख्य रूप से तकनीकी आधार पर पारित कर रहे हैं, इसलिए हमारे आदेश का मामले के गुण-दोष पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।”
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि मामले को हाईकोर्ट की किसी उपयुक्त पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए।
पीठ ने कहा, “अपीलकर्ताओं (तमिलनाडु सरकार) द्वारा अपनाए गए निष्पक्ष रुख को देखते हुए, हम हाईकोर्ट से अनुरोध करते हैं कि वह इस मामले का निर्णय छह सप्ताह के भीतर करे।”
