ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मुझे ‘बंकर में छिपने’ की सलाह दी गई थी: पाक राष्ट्रपति जरदारी

लाहौर, 28 दिसंबर (पीटीआई) पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने खुलासा किया है कि इस साल मई में भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर शुरू किए जाने के दौरान उन्हें “बंकर में छिपने” की सलाह दी गई थी।

जरदारी ने यह खुलासा सिंध प्रांत के लरकाना में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए किया, जो उनकी पत्नी और पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की 18वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया था। बेनजीर भुट्टो की 27 दिसंबर 2007 को रावलपिंडी में गोली और बम हमले में हत्या कर दी गई थी।

उन्होंने कहा, “मेरे एमएस (मिलिट्री सेक्रेटरी) मेरे पास आए और बोले, ‘सर, जंग शुरू हो गई है।’ दरअसल, मैंने उन्हें चार दिन पहले ही बता दिया था कि युद्ध होने वाला है। उन्होंने कहा, ‘सर, चलिए बंकर में चलते हैं (जो एक सुरक्षित जगह है)’… मैंने कहा, ‘अगर शहादत आनी है तो यहीं आएगी। नेता बंकरों में नहीं मरते, वे मैदान-ए-जंग में मरते हैं। वे बंकरों में बैठकर नहीं मरते।’”

भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई पहलगाम हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी। इन हमलों के बाद दोनों देशों के बीच चार दिन तक तीव्र सैन्य झड़पें हुईं, जो 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने की समझ के साथ समाप्त हुईं।

जरदारी ने कहा, “पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है,” और चार दिन चले संघर्ष के दौरान पाकिस्तान के “निर्णायक रुख” को लेकर दावे किए।

पाक राष्ट्रपति ने मई में हुए सशस्त्र संघर्ष के दौरान भारत को “मुंहतोड़ जवाब” देने के लिए सेना प्रमुख असीम मुनीर की भी प्रशंसा की।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के शीर्ष नेता जरदारी ने दावा किया कि अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान के रुख को स्वीकार कर रहा है और यहां तक कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी मुनीर की सराहना की है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि असीम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाने का श्रेय पीपीपी को जाता है। उन्होंने कहा, “हम, पीपीपी ने जनरल मुनीर को फील्ड मार्शल बनाया।”

इस अवसर पर जरदारी के बेटे और पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।