ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी चीन की कंपनियों को भारत में निवेश का न्योता दे रही सरकार’: ओवैसी

**EDS: THIRD PARTY IMAGE, SCREENGRAB VIA SANSAD TV** New Delhi: MP Asaduddin Owaisi speaks in the Lok Sabha during the Winter session of Parliament, in New Delhi, Wednesday, Dec. 10, 2025. (Sansad TV via PTI Photo) (PTI12_10_2025_000229B)

जालना, 11 जनवरी (पीटीआई):

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को सत्तारूढ़ भाजपा की राष्ट्रवादी साख पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी केंद्र सरकार चीनी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कथित तौर पर बार-बार भारत का अपमान किए जाने पर सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।

ओवैसी के इन आरोपों पर अब तक न तो सरकार और न ही भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया आई है।

हैदराबाद से सांसद ओवैसी जालना नगर निगम चुनावों के लिए 15 जनवरी को होने वाले मतदान से पहले AIMIM उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित एक रैली को संबोधित कर रहे थे। उनकी पार्टी ने नगर निगम की 65 वार्डों में से 17 में उम्मीदवार उतारे हैं।

ओवैसी ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान—जो भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया था—चीन ने पाकिस्तान को हथियारों की आपूर्ति की। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान के करीब 80 प्रतिशत सैन्य उपकरण चीन से आते हैं।

उन्होंने कहा, “इसके बावजूद भारतीय सरकार चीन की कंपनियों को देश में निवेश के लिए बुला रही है।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप “बार-बार भारत का अपमान और मजाक” कर रहे हैं, लेकिन भाजपा नेतृत्व इस पर चुप है। ओवैसी ने पूछा, “भाजपा का राष्ट्रवाद कहां गया?”

ओवैसी ने पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपदस्थ होने के बाद भारत में शरण दिए जाने के केंद्र के फैसले की भी आलोचना की। उन्होंने सवाल किया कि भारतीय मुसलमानों को अक्सर बांग्लादेशी बताकर निशाना बनाया जाता है, जबकि शेख हसीना को भारत में शरण दी गई।

उन्होंने दावा किया कि कई मुस्लिम युवा बिना मुकदमे के वर्षों से जेल में बंद हैं और जमानत न मिलना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21—जो जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार देता है—का उल्लंघन है।

AIMIM प्रमुख ने छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद और शरजील इमाम की लंबी कैद के लिए कांग्रेस को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) में किए गए संशोधनों के कारण बिना जमानत लंबे समय तक हिरासत संभव हुई।

ओवैसी ने कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन करने के बाद “तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पार्टियों” का असली चेहरा सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि दलितों और मुसलमानों के पिछड़ेपन के लिए ऐसी पार्टियां भी समान रूप से जिम्मेदार हैं।

मुसलमानों से केवल वोटर बनकर न रहने की अपील करते हुए ओवैसी ने उन्हें अपना नेतृत्व तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “उन्होंने आपको गुलाम बनाया और आपका इस्तेमाल किया।”