कांगो और कंबोडिया-थाईलैंड सीमा पर हिंसा बढ़ने से ट्रंप की दो शांति संधियाँ खतरे में

Canadian Prime Minister Mark Carney, Mexican President Claudia Sheinbaum, President Donald Trump and FIFA President Gianni Infantino hold up country names during the draw for the 2026 soccer World Cup at the Kennedy Center in Washington, Friday, Dec. 5, 2025. AP/PTI(AP12_06_2025_000007B)

वॉशिंगटन, 10 दिसंबर (AP) — राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वैश्विक संघर्षों को खत्म करने में अपनी ‘मोलभाव क्षमता’ का सबूत बताते हुए जिन कई शांति समझौतों का दावा किया गया था, उनमें से कम से कम दो गंभीर संकट में हैं और टूटने की कगार पर पहुँच गए हैं।

वॉशिंगटन में ट्रंप की मौजूदगी में कांगो और रवांडा के बीच हुए समझौते को एक सप्ताह भी नहीं हुआ था, और मलेशिया में कंबोडिया व थाईलैंड के बीच हुए युद्धविराम समझौते को दो महीने भी पूरे नहीं हुए थे, कि दोनों ही क्षेत्रों में हिंसा फिर से भड़क उठी है।

इन घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। मंगलवार को अफ्रीका के ग्रेट लेक्स क्षेत्र से जुड़े देशों और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने तत्काल हिंसा रोकने की अपील की।

दोनों ही मामलों में बयान जारी कर लड़ने वाले पक्षों से अपनी-अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करने को कहा गया—वे प्रतिबद्धताएँ जिनके आधार पर ट्रंप ने स्वयं को “शांति का राष्ट्रपति” बताए जाने की दलील दी थी।

कांगो में फिर हिंसा भड़की

इंटरनेशनल कॉन्टैक्ट ग्रुप (ICG) ने कांगो के दक्षिण किवु क्षेत्र में हालिया घातक झड़पों पर “गहरी चिंता” जताई, जिस हिंसा का आरोप रवांडा समर्थित M23 विद्रोही समूह पर लगाया गया है।

ICG ने मांग की:

  1. M23 और रवांडा रक्षा बल (RDF) तुरंत अपनी सैन्य कार्रवाई रोकें,
  2. RDF पूर्वी DRC से वापस हटे,
  3. M23 पहले तय स्थानों पर लौटे,

जैसा कि हाल में हुए कई समझौतों में तय किया गया था, जिनका अंतिम रूप पिछले गुरुवार को वॉशिंगटन में कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिसेकेदी और रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागमे ने ट्रंप की मौजूदगी में दिया था।

व्हाइट हाउस ने इस समझौते को अमेरिकी, अफ्रीकी संघ और कतर के महीनों के प्रयासों से बना “ऐतिहासिक” समझौता बताया था।

ट्रंप ने तब कहा था,

“यह अफ्रीका के लिए महान दिन है, दुनिया के लिए महान दिन है… आज हम वहाँ सफल हुए हैं, जहाँ बहुत लोग असफल रहे।”

कंबोडिया-थाईलैंड सीमा पर तनाव बढ़ा

अलग बयान में विदेश मंत्री रुबियो ने कंबोडिया और थाईलैंड के बीच सीमा संघर्ष में बढ़ती झड़पों पर चिंता जताई—यह घटना उस शांति समझौते के ठीक एक महीने बाद हुई है जिसे 26 अक्टूबर को कुआलालंपुर में ट्रंप ने आगे बढ़ाया था।

रुबियो ने कहा,

“हम तत्काल युद्धविराम, नागरिकों की सुरक्षा और दोनों पक्षों से शांति उपायों पर लौटने की अपील करते हैं।”

यह समझौता हफ्तों से डगमगा रहा था, पर सप्ताहांत में हुई झड़प—जिसमें दो थाई सैनिक घायल हुए—के बाद स्थिति और बिगड़ गई। पिछले पाँच दिनों की लड़ाई में दोनों ओर दर्जनों लोग मारे गए और 1 लाख से अधिक नागरिकों को घर छोड़कर जाना पड़ा है।

एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हिंसा रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं और उन्हें उम्मीद है कि कंबोडिया और थाईलैंड अपने समझौतों का “पूरी तरह पालन” करेंगे।

अन्य विवादित समझौते

ट्रंप लगातार दावा करते रहे हैं कि उन्होंने सात या आठ बड़े शांति समझौते कराए हैं, जिनमें यह दो भी शामिल हैं।

हालांकि:

  1. इज़रायल–हमास युद्ध पर अंतरराष्ट्रीय योजना अभी अधूरी है और बीच-बीच में लड़ाई जारी है।
  2. रूस–यूक्रेन युद्ध रोकने के प्रयास अब तक असफल रहे हैं।

ट्रंप जिन अन्य समझौतों को अपनी उपलब्धि बताते हैं, उनमें शामिल हैं:

भारत–पाकिस्तान, आर्मेनिया–अज़रबैजान, इज़रायल–ईरान, कोसोवो–सर्बिया और मिस्र–इथियोपिया के बीच समझौते।