नई दिल्ली, 14 जून (पीटीआई)
कांग्रेस पार्टी ने गाजा में संघर्षविराम के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में पेश किए गए प्रस्ताव पर वोटिंग से दूर रहने को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति बुरी तरह चरमरा गई है और सरकार ने युद्ध, नरसंहार और न्याय के खिलाफ अपने सिद्धांतों को छोड़ दिया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “अब यह साफ दिख रहा है कि हमारी विदेश नीति बिखर चुकी है। शायद अब प्रधानमंत्री मोदी को अपने विदेश मंत्री की लगातार हो रही गलतियों पर ध्यान देना चाहिए और जवाबदेही तय करनी चाहिए।”
एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए खड़गे ने लिखा, “गाजा संघर्षविराम के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव के पक्ष में 149 देशों ने वोट दिया, जबकि भारत उन 19 देशों में शामिल था, जिन्होंने मतदान से दूरी बनाई। इस कदम से हम लगभग अलग-थलग पड़ गए हैं।”
स्पेन द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव को 193 सदस्यीय महासभा में भारी बहुमत से पारित किया गया, जिसमें तत्काल, बिना शर्त और स्थायी संघर्षविराम की मांग की गई थी।
भारत उन 19 देशों में शामिल था, जिन्होंने मतदान में भाग नहीं लिया, जबकि 12 देशों ने प्रस्ताव के खिलाफ और 149 ने पक्ष में वोट दिया।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत परवतनेनी हरीश ने कहा कि भारत का यह रुख उसकी पूर्व वोटिंग नीति के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि गाजा में बिगड़ती मानवीय स्थिति के मद्देनजर भारत संवाद और कूटनीति को ही शांति का रास्ता मानता है और नागरिकों की सुरक्षा, मानवीय दायित्वों के पालन और सहायता की समय पर आपूर्ति का समर्थन करता है।
हालांकि, कांग्रेस ने सरकार पर भारत की पारंपरिक फिलिस्तीन समर्थक नीति और वैश्विक शांति की विरासत को कमजोर करने का आरोप लगाया और कहा कि गाजा में मानवीय त्रासदी के बीच भारत का मतदान से दूर रहना “बेहद शर्मनाक” है।
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