
नई दिल्ली, 12 फरवरी (पीटीआई) दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में एक वर्ष से अधिक समय से हिरासत में रखे गए मेजर विक्रांत जेटली (सेवानिवृत्त), जो अभिनेत्री सेलीना जेटली के भाई हैं, को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के मुद्दे पर उनसे कांसुलर पहुंच (दूतावासीय संपर्क) सुनिश्चित करे और बातचीत करे।
न्यायमूर्ति पुरुषैंद्र कुमार कौरव ने यह उल्लेख करते हुए कहा कि विक्रांत जेटली ने अपनी बहन द्वारा सुझाई गई विधि फर्म से जुड़ने से इनकार किया है, इसलिए मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई उनके विचार पर निर्भर करेगी।
अदालत सेलीना जेटली द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने अपने भाई के लिए प्रभावी कानूनी प्रतिनिधित्व की मांग की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनके भाई को 6 सितंबर 2024 से यूएई में “अवैध रूप से अगवा कर हिरासत में रखा गया” है।
केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि भारतीय प्राधिकरण नियमित रूप से विक्रांत जेटली के संपर्क में हैं, हालांकि उन्होंने अपनी बहन से बातचीत करने से इनकार किया है।
वकील ने स्पष्ट किया कि प्राधिकरणों ने 13 फरवरी को विक्रांत जेटली से मुलाकात का अनुरोध किया है और सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी के अनुसार उनकी पत्नी को उनकी ओर से निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया है।
सरकारी पक्ष ने यह भी कहा कि भारत और यूएई के बीच पारस्परिक कानूनी सहायता संधि के तहत किसी विदेशी अदालत को हिरासत में व्यक्ति से सीधे बातचीत करने की कोई व्यवस्था नहीं है।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध की और कहा कि फिलहाल ऐसा कुछ नहीं है जिससे यह लगे कि विक्रांत जेटली की पत्नी उनके साथ “तालमेल में काम नहीं कर रही हैं।”
अदालत ने आदेश में कहा, “इस बीच, अदालत यह दर्ज करती है कि दूतावास ने 13 फरवरी 2026 की प्रस्तावित तारीख के साथ विक्रांत जेटली से कांसुलर पहुंच का अनुरोध किया है। यूएई की स्थानीय प्राधिकरणों की स्वीकृति के अधीन अगली कांसुलर मुलाकात की सटीक तारीख के अनुसार, दूतावास के अधिकारी श्री विक्रांत जेटली को किसी विधि फर्म की नियुक्ति के संबंध में अवगत कराएं और यदि वे सहमत हों, तो आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी की जाएं।”
अदालत ने आगे स्पष्ट किया, “किसी भी स्थिति में कानूनी सहायता उनके (विक्रांत जेटली) विचार पर निर्भर करेगी, जो वर्तमान में हिरासत में हैं।”
विक्रांत जेटली की पत्नी ने अदालत को बताया कि उन्हें भारत सरकार से सहायता की आवश्यकता है और वे अभी भी मामले और उन पर लगे आरोपों को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
अदालत ने टिप्पणी की कि दंपति या तो याचिकाकर्ता द्वारा सुझाई गई विधि फर्म की प्रो बोनो सेवाएं लें या किसी अन्य फर्म को नियुक्त करने के लिए धन की व्यवस्था करें।
अदालत ने पत्नी के वकील को मामले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों पर सीलबंद लिफाफे में नोट प्रस्तुत करने की अनुमति भी दी।
याचिका में अभिनेत्री ने कहा है कि उनके भाई 2016 से यूएई में रह रहे थे और MATITI ग्रुप में कार्यरत थे, जो ट्रेडिंग, परामर्श और जोखिम प्रबंधन सेवाओं में संलग्न है।
हालांकि, एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद विदेश मंत्रालय अभिनेता के भाई की बुनियादी जानकारी, उनके स्वास्थ्य और कानूनी स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त करने में विफल रहा है, याचिका में यह आरोप लगाया गया है। PTI ADS KVK KVK
