
नई दिल्ली, 19 जनवरी (PTI) – देशभर में नागरिकों और पशु कल्याण समूहों ने कई राज्यों में कथित तौर पर सामुदायिक कुत्तों की हत्याओं और अवैध हटाने की खबरों के बाद मौन मोमबत्ती रैली आयोजित की, जिससे न्यायिक टिप्पणियों के दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई गई। यह जानकारी एनजीओ पीपल फॉर एनिमल्स (PFA) के एक आधिकारिक बयान में सोमवार को दी गई।
पशु कल्याण समूहों ने सुप्रीम कोर्ट से तत्काल स्पष्टता जारी करने का आग्रह किया है, ताकि इसके निरीक्षणों के कथित दुरुपयोग को रोका जा सके और जवाबदेही सुनिश्चित हो।
तत्काल कारण 14 जनवरी को तेलंगाना में कथित घटना थी, जहां लगभग 500 सामुदायिक कुत्तों को कथित रूप से घातक इंजेक्शन के जरिए मार दिया गया।
पशु कल्याण समूहों ने कहा कि ये कुत्ते न तो बीमार थे और न ही आक्रामक, और इनमें से कई को एनीमल बर्थ कंट्रोल (ABC) कार्यक्रम के तहत नसबंदी और टीकाकरण किया गया था।
इसके पहले, 9 जनवरी को हैदराबाद के एक लॉ स्कूल परिसर से लगभग 40 नसबंदी किए गए कुत्तों को बिना सार्वजनिक सूचना के हटाया गया। बाद में रिपोर्ट्स में संकेत मिला कि कुत्तों को मार दिया गया, जिससे प्राधिकरण और उचित प्रक्रिया पर सवाल उठे।
नवंबर 2025 से कई राज्यों में इसी प्रकार की घटनाएं दर्ज की गई हैं।
तमिलनाडु में, चेन्नई में VIP यात्रा की तैयारियों के दौरान कुत्तों को कथित रूप से गोली मार दी गई।
दिल्ली में, द्वारका के एक विश्वविद्यालय परिसर से नवजात पिल्लों को हटाया गया।
कर्नाटक में, टीकाकरण किए गए कुत्तों को कथित रूप से रातोंरात उदुपी के एक परिसर से उठाया गया।
तेलंगाना में, एक्टिविस्टों ने ABC सुविधाओं की क्षमता से बाहर बड़े पैमाने पर उठाने की घटनाओं की चेतावनी दी, बयान में कहा गया।
मोमबत्ती रैलियां जम्मू और कश्मीर, हैदराबाद, दिल्ली और नोएडा व गुरुग्राम जैसे आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ लखनऊ, जयपुर, आगरा, मुंबई, चेन्नई, बैंगलोर, कोलकाता, पुणे और इंदौर में आयोजित की गईं। गुजरात के अहमदाबाद और वड़ोदरा तथा विदेशों से आयरलैंड के किलडेयर और अमेरिका के बोस्टन से भी प्रतिभागियों ने भाग लिया।
वर्ग: ब्रेकिंग न्यूज़
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