कोंडारेड्डीपल्ली दक्षिण भारत का पहला पूर्णतः सौर ऊर्जा संचालित गाँव बना

Kondareddypally

हैदराबाद, 28 सितंबर (पीटीआई) तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी का पैतृक गाँव कोंडारेड्डीपल्ली, राज्य सरकार के हरित ऊर्जा मिशन के तहत दक्षिण भारत का “पहला पूर्णतः सौर ऊर्जा संचालित गाँव” बन गया है।

रविवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि नागरकुरनूल जिले के वंगूर मंडल में फैली इस परियोजना में 514 घर और 11 सरकारी भवन शामिल हैं।

इसमें आगे कहा गया है कि वर्तमान में, 480 घरों को 3 किलोवाट के रूफटॉप पैनल से बिजली मिल रही है, जबकि स्कूलों और कार्यालयों सहित 11 सरकारी भवन 60 किलोवाट के सौर ऊर्जा संयंत्रों से संचालित होते हैं।

शेष 34 मिट्टी की दीवारों वाले घरों को उनके ‘इंदिरम्मा’ घरों के पूरा होने के बाद इसमें शामिल किया जाएगा।

प्रत्येक घर अब प्रति माह लगभग 360 यूनिट बिजली पैदा करता है, जिससे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होती है और मासिक बिजली बिलों से मुक्ति मिलती है।

अतिरिक्त ऊर्जा 5.25 रुपये प्रति यूनिट की दर से ग्रिड में भेजी जाती है। विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि अकेले सितंबर में ही, गाँव ने लगभग एक लाख यूनिट निर्यात करके लगभग 5 लाख रुपये कमाए—यह ग्रामीणों के हरित उद्यमी बनने का अपनी तरह का पहला उदाहरण है।

केंद्र से 3.56 करोड़ रुपये की सब्सिडी द्वारा समर्थित 10.53 करोड़ रुपये की इस परियोजना को तेलंगाना अक्षय ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (TREDCO) ने सक्रिय सामुदायिक भागीदारी के साथ क्रियान्वित किया।

अधिकारियों ने कोंडारेड्डीपल्ली को “एक आदर्श सौर गाँव बताया, जो आधुनिक तकनीक को ग्रामीण जीवन के साथ जोड़ता है।” इस पहल को ‘तेलंगाना के कार्बन उत्सर्जन को कम करने, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों’ में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें “तेलंगाना के ग्रिड में स्वच्छ ऊर्जा का योगदान करते हुए आत्मनिर्भर होने पर गर्व है।” पीटीआई वीवीके एसएसके

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