कोर्डेलिया क्रूज़ मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने समीर वानखेड़े के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को दी मंजूरी

Delhi High Court

नई दिल्ली, 27 फरवरी (पीटीआई) — दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को 2021 के कोर्डेलिया क्रूज़ ड्रग्स मामले से जुड़े आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही जारी रखने की अनुमति दे दी।

न्यायमूर्ति अनिल क्षेतरपाल और न्यायमूर्ति अमित महाजन की पीठ ने केंद्र सरकार की उस याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसने वानखेड़े के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही को रद्द कर दिया था।

फैसला सुनाते हुए पीठ ने कहा, “यह याचिका स्वीकार की जाती है।”

निर्णय की विस्तृत प्रति अभी प्रतीक्षित है।

केंद्र सरकार ने 19 जनवरी के कैट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड द्वारा 18 अगस्त, 2025 को वानखेड़े को जारी आरोप पत्र को निरस्त कर दिया गया था।

2008 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी वानखेड़े 2021 में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), मुंबई में अपने कार्यकाल के दौरान कोर्डेलिया क्रूज़ ड्रग्स मामले में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के परिवार से कथित तौर पर 25 करोड़ रुपये की मांग करने और उनके बेटे आर्यन खान को मामले में फंसाने की धमकी देने के आरोपों को लेकर सुर्खियों में आए थे।

कैट के समक्ष वानखेड़े ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड द्वारा उनके खिलाफ शुरू की गई अनुशासनात्मक जांच को चुनौती देते हुए मूल आवेदन दायर किया था। उन पर आरोप था कि एजेंसी से मुक्त किए जाने के बाद उन्होंने एनसीबी के विधि विभाग से जांच से संबंधित गोपनीय जानकारी मांगी थी।

यह भी आरोप था कि उन्होंने जांच को “प्रभावित” करने के लिए एनसीबी के विधि अधिकारी से “आश्वासन” मांगा था।

12 जनवरी को उच्च न्यायालय ने कैट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था, जिसमें वानखेड़े के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही पर रोक लगा दी गई थी। हालांकि, अदालत ने कैट को 14 जनवरी या उसके बाद 10 दिनों के भीतर मुख्य मामले का निपटारा करने के लिए “ईमानदार प्रयास” करने का निर्देश दिया था। पीटीआई