क्या उसने हत्या की है? सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, पूर्व IAS प्रोबेशनर पूजा खेड़कर को अग्रिम जमानत प्रदान की

नई दिल्ली, 21 मई (पीटीआई) — सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पूर्व IAS प्रोबेशनर पूजा खेड़कर को धोखाधड़ी और सिविल सेवा परीक्षा में OBC व विकलांगता आरक्षण का गलत लाभ लेने के आरोप में अग्रिम जमानत प्रदान की।

न्यायमूर्ति बी वी नगरत्ना और सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने खेड़कर को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया।

पीठ ने मौखिक रूप से कहा, “उसने क्या गंभीर अपराध किया है? वह ड्रग लॉर्ड या आतंकवादी नहीं है। उसने धारा 302 (हत्या) का अपराध नहीं किया। वह एनडीपीएस की आरोपी नहीं है। आपके पास कोई सिस्टम या सॉफ्टवेयर होना चाहिए। आप जांच पूरी कीजिए। उसने सब कुछ खो दिया है और कहीं नौकरी नहीं पाएगी।”

पीठ ने कहा, “मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, यह एक ऐसा मामला है जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय को याचिकाकर्ता को जमानत देनी चाहिए थी।”

दिल्ली पुलिस के वकील ने जोर देकर कहा कि खेड़कर जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं और उन पर लगे आरोप गंभीर हैं, इसलिए अग्रिम जमानत नहीं दी जानी चाहिए।

खेड़कर पर 2022 यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में आरक्षण लाभ के लिए अपनी जानकारी छुपाने का आरोप है। उन्होंने सभी आरोपों का खंडन किया है।

यूपीएससी ने उनकी पहचान छुपाकर परीक्षा में कई बार प्रयास करने के आरोप में कई कार्रवाई की, जिसमें आपराधिक मामला दर्ज करना भी शामिल है। दिल्ली पुलिस ने भी उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
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