नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (पीटीआई): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर के जन्मस्थान की यात्रा से पहले कांग्रेस ने शुक्रवार को उन पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या यह सर्वविदित तथ्य नहीं है कि जब तत्कालीन मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर ने बिहार में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण लागू किया था, तब जनसंघ ने अप्रैल 1979 में उनकी सरकार गिरा दी थी।
कांग्रेस ने यह भी पूछा कि क्या यह तथ्य नहीं है कि प्रधानमंत्री और उनकी “डबल इंजन सरकार” ने अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, ओबीसी और ईबीसी के लिए बिहार के 65% आरक्षण कानून को संविधान के तहत सुरक्षा देने के लिए कुछ नहीं किया।
यह हमला उस समय किया गया जब प्रधानमंत्री मोदी समस्तीपुर और बेगूसराय जिलों में दो चुनावी रैलियों को संबोधित करने वाले हैं। समस्तीपुर की जनसभा से पहले प्रधानमंत्री समाजवादी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के जन्मस्थान कर्पूरीग्राम का दौरा करेंगे। ठाकुर को पिछले साल एनडीए सरकार ने भारत रत्न से सम्मानित किया था।
कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री से सवाल करते हुए कहा, “क्या यह सर्वमान्य तथ्य नहीं है कि जनसंघ — जिससे बीजेपी का जन्म हुआ — ने अप्रैल 1979 में कर्पूरी ठाकुर जी की सरकार को तब गिरा दिया था, जब उन्होंने ओबीसी के लिए आरक्षण लागू किया था? क्या यह तथ्य नहीं है कि उस समय आरएसएस और जनसंघ नेताओं ने कर्पूरी ठाकुर जी को सबसे घृणित शब्दों में अपमानित किया था?”
रमेश ने आगे पूछा, “क्या यह तथ्य नहीं है कि 28 अप्रैल 2024 को उन्होंने खुद जाति जनगणना की मांग करने वालों को ‘अर्बन नक्सल’ कहा था, और संसद (20 जुलाई 2021) तथा सुप्रीम कोर्ट (21 सितंबर 2021) में उनकी सरकार ने जाति जनगणना को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया था?”
कांग्रेस नेता ने कहा, “क्या यह तथ्य नहीं है कि उन्होंने और उनकी डबल इंजन सरकार ने बिहार के 65% आरक्षण कानून को संविधान के तहत सुरक्षा देने के लिए कुछ नहीं किया — वही सुरक्षा जो सितंबर 1994 में तमिलनाडु के समान कानून को कांग्रेस सरकार ने प्रदान की थी?”
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