
बैंकॉक, 9 जनवरी (एपी) थाईलैंड और कंबोडिया के बीच पिछले वर्ष हुई सीमा झड़पों को समाप्त कराने में अहम भूमिका निभाने वाले संयुक्त राज्य अमेरिका ने क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दोनों दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों को 45 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है। यह जानकारी शुक्रवार को अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।
पूर्वी एशिया और प्रशांत मामलों के लिए अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री माइकल डेसोम्ब्रे ने थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में एक ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग के दौरान यह घोषणा की। वह वहां पिछले अक्टूबर हुए संघर्षविराम—जिसे कुआलालंपुर शांति समझौते के नाम से भी जाना जाता है—के क्रियान्वयन पर चर्चा के लिए वरिष्ठ थाई अधिकारियों से मुलाकात कर रहे थे।
थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर लंबे समय से चले आ रहे क्षेत्रीय दावों को ही दोनों देशों के बीच संघर्ष की जड़ बताया गया है।
डेसोम्ब्रे ने कहा, “थाई-कंबोडिया सीमा पर शांति की बहाली से संयुक्त राज्य अमेरिका को दोनों देशों के साथ अपने सहयोग को और गहरा करने, क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने और एक अधिक सुरक्षित, मजबूत व समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने हितों को आगे बढ़ाने के नए अवसर मिले हैं।”
शनिवार को डेसोम्ब्रे कंबोडिया की राजधानी फ्नोम पेन्ह में वहां के शीर्ष अधिकारियों के साथ चर्चा करने वाले हैं।
उन्होंने बताया कि अमेरिका “सीमा स्थिरीकरण के लिए 15 मिलियन अमेरिकी डॉलर प्रदान करेगा, जिससे समुदायों को पुनर्वास में मदद मिलेगी और विस्थापित लोगों का समर्थन किया जा सकेगा; बारूदी सुरंगों और बिना फटे गोला-बारूद को हटाने के लिए 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर; तथा ऑनलाइन ठगी और मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए दोनों देशों की मदद करने वाली पहलों हेतु 20 मिलियन अमेरिकी डॉलर दिए जाएंगे।” हालांकि, सहायता पैकेज का विस्तृत विवरण अभी चर्चा के चरण में है।
जुलाई और दिसंबर में हुई लड़ाई के कारण थाईलैंड और कंबोडिया में लाखों लोग विस्थापित हुए थे और लगभग 100 सैनिकों व नागरिकों की मौत हुई थी। कंबोडिया में दशकों के गृहयुद्ध से बची बारूदी सुरंगें आज भी एक गंभीर समस्या बनी हुई हैं, जबकि थाईलैंड का दावा है कि सीमा क्षेत्रों में हाल ही में बिछाई गई सुरंगों के कारण पिछले साल उसके गश्ती सैनिक करीब एक दर्जन घटनाओं में घायल हुए।
दक्षिण-पूर्व एशिया, विशेष रूप से कंबोडिया और म्यांमार से संचालित ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय अपराध बन चुके हैं, जिनसे दुनिया भर में अरबों डॉलर की ठगी हो चुकी है।
पिछले वर्ष ट्रंप प्रशासन द्वारा यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) को बंद किए जाने के बाद दक्षिण-पूर्व एशिया और अन्य क्षेत्रों में मानवीय और विकास कार्यक्रमों के लिए अमेरिकी सहायता में भारी कटौती की गई थी।
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच पहली झड़प जुलाई के अंत में पांच दिनों तक चली थी, जिसके बाद प्रारंभिक संघर्षविराम पर सहमति बनी। उस समय मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने बिना शर्त संघर्षविराम की अपील की थी, लेकिन ठोस प्रगति तब हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हस्तक्षेप किया। ट्रंप ने कहा था कि यदि लड़ाई जारी रही तो वाशिंगटन दोनों देशों के साथ व्यापार समझौतों को आगे नहीं बढ़ाएगा।
अक्टूबर में मलेशिया में हुई एक क्षेत्रीय बैठक में, जिसमें ट्रंप भी शामिल हुए थे, संघर्षविराम को औपचारिक रूप से विस्तारित किया गया। हालांकि, पिछले महीने की शुरुआत में फिर से झड़पें हुईं, लेकिन 27 दिसंबर को थाईलैंड और कंबोडिया के रक्षा मंत्रियों ने एक नया समझौता किया और अक्टूबर के समझौते को लागू करने की प्रतिबद्धता जताई।
डेसोम्ब्रे ने पत्रकारों से कहा, “हम दुनिया भर में शांति स्थापित करने पर बहुत ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप शांति के राष्ट्रपति हैं और उनका मानना है कि शांति आर्थिक विकास और समृद्धि के लिए बेहद जरूरी है।” (एपी)
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