गाज़ा में 5 साल से कम उम्र के लगभग 55,000 बच्चे गंभीर कुपोषण से पीड़ित हो सकते हैं — संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट

Naima Abu Ful poses for a photo with her 2-year-old malnourished child, Yazan, at their home in the Shati refugee camp in Gaza City, Wednesday, July 23, 2025. (AP/PTI)(AP07_25_2025_000015B)

संयुक्त राष्ट्र, 9 अक्टूबर (एपी) — दो साल के युद्ध और गंभीर खाद्य संकट के बाद, गाज़ा में 5 वर्ष से कम उम्र के 54,600 से अधिक बच्चे तीव्र कुपोषण (acute malnutrition) से पीड़ित हो सकते हैं, जिनमें से 12,800 से अधिक गंभीर रूप से प्रभावित हैं। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में दी गई है।

अगस्त की शुरुआत तक, गाज़ा में 6 महीने से लेकर 5 वर्ष से कम उम्र के लगभग 16 प्रतिशत बच्चे जीवन-घातक कुपोषण, जिसे “एक्यूट वेस्टिंग” (acute wasting) कहा जाता है, से पीड़ित थे। इनमें से लगभग 4 प्रतिशत बच्चे गंभीर रूप से प्रभावित पाए गए, संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (UNRWA) के विश्लेषण के अनुसार।

वेस्टिंग का इलाज कई हफ्तों तक विशेष चिकित्सीय भोजन (therapeutic food) से किया जाता है और कभी-कभी अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता होती है।

यह अध्ययन, जिसे बुधवार को द लैंसेट (The Lancet) मेडिकल जर्नल में प्रकाशित किया गया, अब तक का क्षेत्र में बाल भूख पर सबसे व्यापक अध्ययन है। इसमें जनवरी 2024 से अगस्त मध्य तक गाज़ा के 220,000 बच्चों के स्वास्थ्य आंकड़े शामिल किए गए।

मुख्य वैज्ञानिक डॉ. मसाको होरिनो ने कहा, “गाज़ा पट्टी में हजारों बच्चे रोके जा सकने वाले कुपोषण से पीड़ित हैं और उनकी मृत्यु का खतरा बढ़ गया है।”

तीन स्वतंत्र विशेषज्ञों ने इस अध्ययन को “सबसे ठोस प्रमाणों में से एक” बताया है कि गाज़ा के बच्चे भूख से जूझ रहे हैं।

कोलंबिया विश्वविद्यालय की जेसिका फान्ज़ो, स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के पॉल वाइज़, और आगा खान विश्वविद्यालय (पाकिस्तान) के जुल्फिकार भुट्टा ने कहा,

“यह अब पूरी तरह से स्पष्ट है कि गाज़ा के बच्चे भूख से मर रहे हैं और तत्काल तथा निरंतर मानवीय सहायता की आवश्यकता है।”

इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने युद्ध के दौरान भूखमरी की रिपोर्टों को “झूठ” बताया है। लेकिन विशेषज्ञों और राहत एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि इज़राइल की नीतियां और सैन्य कार्रवाई बच्चों और गर्भवती महिलाओं में भूखमरी को बढ़ा रही हैं।

गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से 461 लोग, जिनमें 157 बच्चे शामिल हैं, कुपोषण से संबंधित जटिलताओं के कारण मारे गए हैं।

मदद पर प्रतिबंध:

अध्ययन में पाया गया कि जब सहायता की आपूर्ति बढ़ी, तो कुपोषण की दर घटी, लेकिन जब सहायता रोकी गई, तो बच्चों की स्थिति बिगड़ी।

मार्च में दो महीने से अधिक समय तक इज़राइल ने पूर्ण नाकाबंदी लगाई थी। मई में थोड़ी सहायता की अनुमति दी गई।

अमेरिका-इज़राइल समर्थित एक वितरण प्रणाली ने मई में शुरुआत की, लेकिन इसके कारण सहायता सीमित स्थानों तक सिमट गई। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इन केंद्रों के आसपास 1,000 से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत हुई।

एडेसिया (Edesia), एक अमेरिकी गैर-लाभकारी संस्था, ने कहा कि उसने 28 सितंबर को 1,500 बॉक्स चिकित्सीय भोजन भेजे हैं और अगले महीने 15,000 बॉक्स भेजने की योजना है।

यह अध्ययन अगस्त में जारी संयुक्त राष्ट्र समर्थित रिपोर्ट का अनुसरण करता है, जिसने गाज़ा के कुछ हिस्सों में अकाल (famine) की पुष्टि की थी।

संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसी के अनुसार, अब तक उसके 370 से अधिक कर्मचारी मारे जा चुके हैं।

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