गुजरात का शिक्षा और कौशल पारिस्थितिकी तंत्र निवेशकों को देता है भरोसा: पीएम मोदी

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image received on Jan. 11, 2026, Prime Minister Narendra Modi, Gujarat CM Bhupendra Patel, state Deputy CM Harsh Sanghavi, Reliance Industries Chairman Mukesh Ambani and others during the inaugural ceremony of the Vibrant Gujarat Regional Conferences (VGRC), in Rajkot. (PMO via PTI Photo)(PTI01_11_2026_000375B)

मुंबई (महाराष्ट्र) [भारत], 12 जनवरी: गुजरात सरकार द्वारा आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) का पहला दिन प्रतिष्ठित मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ। भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर 13 नए स्मार्ट इंडस्ट्रियल एस्टेट्स और मेडिकल डिवाइस पार्क का उद्घाटन किया।

पीएम मोदी ने उद्योग-तैयार कार्यबल (Industry-Ready Workforce) को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए गुजरात में मजबूत शिक्षा और कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र की पुष्टि की और निवेशकों को भरोसा दिलाया।

गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने क्षेत्रीय सशक्तिकरण (Regional Empowerment) के महत्व को भारत के व्यापक विकासात्मक लक्ष्यों के स्तंभ के रूप में रेखांकित किया।

दिन भर में घोषित बड़े निवेश प्रतिबद्धताओं ने गुजरात की विकास कहानी को और मजबूत किया। आदानी समूह ने अगले पांच वर्षों में कच्छ में 1.5 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की, जबकि रिलायंस ने उसी अवधि में 7 लाख करोड़ रुपये निवेश की योजना बनाई, जो बड़े पैमाने पर रोजगार और आजीविका सृजन करेगी।

मुख्य अंशों में मुकेश अंबानी ने जमनगर में एक एकीकृत क्लीन एनर्जी पारिस्थितिकी तंत्र के विकास की घोषणा की, जो दुनिया का सबसे बड़ा बनने वाला है। उन्होंने जमनगर को भारत का सबसे बड़ा AI-रेडी केंद्र बनाने का विज़न भी साझा किया, जिससे हर भारतीय के लिए किफायती AI पहुंच संभव हो सके।

मारवाड़ी यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष केतन मारवाड़ी ने कहा, “हमारे लिए यह गर्व का क्षण है कि हम इस आयोजन की मेजबानी कर रहे हैं। हमारे जैसे संस्थान क्षेत्रीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, कुशल प्रतिभा का पोषण करते हैं, नवाचार को प्रोत्साहित करते हैं और शिक्षा को उद्योग और निवेश की जरूरतों के अनुरूप बनाते हैं। यह सम्मेलन नवाचार, स्थिरता और गुणवत्तापूर्ण निवेश को बढ़ावा देने की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

मारवाड़ी यूनिवर्सिटी के उपाध्यक्ष एवं सह-संस्थापक जितु भाई चंद्राराना ने कहा, “यह सम्मेलन कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र में निवेश-आधारित विकास को बढ़ावा देने का मंच है। इस ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी गुजरात की मजबूत शासन व्यवस्था, उद्योग-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र और दीर्घकालिक समृद्धि दृष्टि को दर्शाती है। शिक्षा, नवाचार और उद्यमिता में गहराई से जुड़ी संस्थाओं के रूप में हम एक वैश्विक प्रतिस्पर्धी वातावरण देखना चाहते हैं, जो सतत रोजगार सृजित करे।”

“वोकल फॉर लोकल” की सोच के साथ यह सम्मेलन नीति निर्माता, विचारक और निवेशकों को एक साथ लाया, ताकि कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र की अद्वितीय संभावनाओं पर विचार किया जा सके। इस क्षेत्र को इसके समृद्ध समुद्री विरासत, गतिशील औद्योगिक आधार और मजबूत एमएसएमई नेटवर्क के लिए जाना जाता है। सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय सहभागिता भी देखने को मिली।

विकसित भारत@2047 और विकसित गुजरात@2047 के विज़न के अनुरूप, पहले दिन में स्थिरता, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, मछली पालन, खनिज और ऊर्जा जैसे विषयों पर प्रभावशाली चर्चा हुई।

(अस्वीकरण: उपरोक्त प्रेस रिलीज़ PNN के सहयोग से प्रस्तुत किया गया है और PTI इसकी संपादकीय जिम्मेदारी नहीं लेता)।

पीटीआई

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