गुरुग्राम, 3 फरवरी (पीटीआई) फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये के गुरुग्राम स्थित एक प्लॉट की बिक्री से जुड़े मामले में मंगलवार को एक डिप्टी एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर (डीईटीसी) को गिरफ्तार किया गया, अधिकारियों ने बताया।
आरोपी अधिकारी सरोज देवी को गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की टीम ने पंजाब के ज़ीरकपुर से गिरफ्तार किया। उनकी अग्रिम जमानत याचिका दो दिन पहले अदालत द्वारा खारिज कर दी गई थी।
सेक्टर 55, गुरुग्राम की निवासी सरोज देवी ने फर्जी आवंटन पत्र तैयार कर और जाली दस्तावेजों के आधार पर कन्वेयंस डीड रजिस्टर कराकर यह धोखाधड़ी की। इस पूरे मामले में रियल एस्टेट कंपनी सनसिटी प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों की मिलीभगत बताई गई है।
गुरुग्राम पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा, “उन्होंने सनसिटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर एक फर्जी आवंटन पत्र तैयार किया और उसी के आधार पर प्लॉट की कन्वेयंस डीड रजिस्टर करवाई तथा उक्त प्लॉट को अपने और अपनी साझेदार राजबाला के नाम दर्ज करवा लिया।”
अधिकारी ने बताया, “उस प्लॉट को बाद में 3.40 करोड़ रुपये में किसी अन्य को बेच दिया गया, जिसमें उनका हिस्सा 1.70 करोड़ रुपये था।”
मामले का विवरण देते हुए अधिकारी ने बताया कि 16 फरवरी 2024 को दिनेश कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि उनके पिता ने सनसिटी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से सेक्टर 54, गुरुग्राम में एक प्लॉट बुक कराया था। प्लॉट का आवंटन पत्र 2004 में उनके पिता को दिया गया था और 2005 में कब्जा पत्र जारी किया गया था।
हालांकि, उनके पिता का निधन 2013 में हो गया। इसके बाद उन्हें कंपनी की ओर से स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्कों को लेकर पत्र मिला। शिकायतकर्ता ने कंपनी को अपने पिता की मृत्यु की जानकारी दी और प्लॉट को अपनी मां और अपने नाम स्थानांतरित कराने के लिए आवेदन किया, लेकिन किसी कारणवश प्लॉट का ट्रांसफर नहीं हो सका, पुलिस ने बताया।
2023 में उन्हें पता चला कि उनके प्लॉट पर निर्माण कार्य चल रहा है। दो महिलाओं—राजबाला और सरोज—ने 26 जुलाई 2021 को उक्त प्लॉट को 3.40 करोड़ रुपये में नीना चावला को बेच दिया था। इसके लिए 2020 में एक फर्जी आवंटन पत्र बनवाया गया और उसी के आधार पर कन्वेयंस डीड रजिस्टर कराई गई। यह धोखाधड़ी सनसिटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कर्मचारी सुतिक्षण सक्सेना की मिलीभगत से की गई।
शिकायत के बाद 2024 में सेक्टर 53 थाना में डीईटीसी सहित चार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। फिलहाल नीना चावला उस प्लॉट पर काबिज हैं और वहां तीन मंजिला कोठी बना चुकी हैं। कुछ समय पहले चावला की जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई थी, पुलिस ने बताया।
गुरुग्राम पुलिस ने कहा, “गिरफ्तार डीईटीसी को शहर की अदालत में पेश किए जाने के बाद पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा।” पीटीआई सीओआर एएमजे एएमजे
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