पणजी, 12 दिसंबर (पीटीआई) – शीतकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को गोवा विधानसभा में उस समय हंगामा हो गया जब विपक्षी विधायकों ने पिछले महीने 25 लोगों की जान लेने वाली नाइटक्लब आग त्रासदी पर राज्यपाल पी. अशोक गजपति राजू से बयान की मांग करते हुए उनके अभिभाषण में व्यवधान डाला।
सदन के वेल में पहुंचे सभी सात विपक्षी विधायकों को सुरक्षा कर्मियों ने बाहर ले जाया।
शीतकालीन सत्र की शुरुआत के दौरान मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और नेता प्रतिपक्ष यूरी अलेमाओ ने राज्यपाल का स्वागत किया। जैसे ही राज्यपाल ने सदन को संबोधित करना शुरू किया, अलेमाओ ने मांग की कि वह अर्पोरा गांव में स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में दिसंबर के पहले सप्ताह में लगी आग पर बयान दें।
“राज्यपाल के प्रति पूरे सम्मान के साथ, हम उनसे आग्रह करते हैं कि वह अपने भाषण की शुरुआत नाइटक्लब आग त्रासदी के उल्लेख से करें। राज्य में 25 लोगों की हत्या हुई है,” अलेमाओ ने कहा। इस दौरान मुख्यमंत्री सावंत ने हस्तक्षेप करते हुए उनसे बैठने को कहा।
नेता प्रतिपक्ष ने इस त्रासदी के लिए सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री सावंत ने अलेमाओ से “सदन की मर्यादा बनाए रखने” को कहा।
विधानसभा अध्यक्ष गणेश गांवकर ने भी उनसे बैठने का आग्रह किया, लेकिन अलेमाओ बोलते रहे। इसके बाद कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) और रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी (आरजीपी) के सभी विपक्षी विधायक तख्तियां लेकर सदन के वेल में पहुंच गए।
इस दौरान राज्यपाल अपना भाषण जारी रखे रहे और विपक्षी विधायक “शेम, शेम” के नारे लगाते रहे। बाद में सुरक्षा कर्मियों ने प्रदर्शन कर रहे सदस्यों को सदन से बाहर कर दिया।
गोवा विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 जनवरी को समाप्त होगा।
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