
कोलंबो, 4 दिसंबर (PTI) – चक्रवात प्रभावित श्रीलंका को मानवीय सहायता के रूप में भारत ने एक बेली ब्रिज और सैकड़ों जल-शुद्धिकरण इकाइयाँ भेजी हैं, ताकि अलग-थलग पड़े समुदायों को जोड़ने और आवश्यक सेवाओं को बहाल करने में मदद मिल सके।
चक्रवात ‘डिटवा’ के कारण श्रीलंका में भीषण बाढ़, भूस्खलन और बुनियादी ढांचे के भारी नुकसान के चलते कई जिले पूरी तरह कट गए हैं और देश की आपदा-प्रबंधन क्षमता पर भारी दबाव बना है।
अधिकारियों के अनुसार, 16 नवंबर से जारी अत्यधिक मौसम के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन में बुधवार शाम तक कम से कम 479 लोगों की मौत हो चुकी है और 350 लोग लापता हैं।
बुधवार को भारतीय वायुसेना के एक विमान ने प्रीफैब्रिकेटेड बेली ब्रिज और 500 जल शुद्धिकरण इकाइयाँ श्रीलंका पहुंचाईं, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
भारतीय उच्चायोग ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया,
“ऑपरेशन सागर-बंधु के तहत आशा की किरण—C-17 विमान ने बेली ब्रिज और 500 वाटर यूनिट्स पहुंचाए, जिससे अलग-थलग समुदायों को जोड़ने और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हुआ।”
मिशन ने एक अन्य पोस्ट में बताया कि आपदा प्रबंधन सहयोग डिजिटल क्षेत्र में भी जारी है।
बुधवार को आयोजित एक वर्चुअल बैठक में, आंध्र प्रदेश के रियल टाइम गवर्नेंस के सचिव भास्कर कटमनेनी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति के डिजिटल इकोनॉमी सलाहकार हंस विजयसूर्या और ‘गवटेक’ टीम के साथ आपदा तैयारी और प्रतिक्रिया में राज्य सरकार की श्रेष्ठ डिजिटल प्रक्रियाओं को दर्शाने वाला डिजिटल टूलकिट साझा किया।
भारत ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत वायु, समुद्र और जमीनी मार्गों से श्रीलंका को लगातार मानवीय सहायता प्रदान कर रहा है।
श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा डिसानायके ने बुधवार को सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा,
“सागर-बंधु पहल के तहत भारत की त्वरित सहायता हमारे राष्ट्रों के बीच गहरी साझेदारी और सद्भावना को दर्शाती है।”
अधिकारियों के अनुसार चक्रवात के कारण 6–7 अरब डॉलर (GDP का 3–5%) का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है।
वर्ग: ब्रेकिंग न्यूज़
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