
नई दिल्ली, 11 फरवरी (पीटीआई) चारधाम तक रेल संपर्क प्रदान करने के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई रेल लाइन परियोजना को स्वीकृति दी गई है और गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ तथा बद्रीनाथ तक रेल संपर्क विस्तार के लिए सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। सरकार ने बुधवार को लोकसभा में यह जानकारी दी।
भाजपा सांसद अनिल बलूनी और अजय भट्ट के प्रश्न के उत्तर में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि उत्तराखंड में कुल 216 किलोमीटर लंबाई की तीन नई रेल लाइनों को 40,384 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृति दी गई है। इनमें से 16 किलोमीटर लंबाई का कार्य चालू हो चुका है और मार्च 2025 तक 19,898 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
मंत्री ने लोकसभा में लिखित उत्तर में कहा, “चारधाम तक रेल संपर्क प्रदान करने के लिए 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई रेल लाइन परियोजना को स्वीकृति दी गई है।”
उन्होंने कहा, “गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ तक रेल संपर्क को और विस्तारित करने के लिए सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। हालांकि, परियोजना का एलाइनमेंट हिमालय के मुख्य सेंट्रल थ्रस्ट क्षेत्र के पास से गुजरता है, जो भूकंपीय रूप से अत्यंत सक्रिय है।”
वैष्णव ने बताया कि परियोजना का एलाइनमेंट उत्तराखंड के देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों से होकर गुजरता है और यह देवप्रयाग व कर्णप्रयाग जैसे धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को ऋषिकेश और राष्ट्रीय राजधानी से रेल संपर्क प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा, “परियोजना का अधिकांश एलाइनमेंट सुरंगों से होकर गुजरता है। इसमें 104 किलोमीटर लंबाई की 16 मुख्य लाइन सुरंगों और लगभग 98 किलोमीटर लंबाई की 12 एस्केप सुरंगों का निर्माण शामिल है। अब तक 99 किलोमीटर लंबाई की मुख्य सुरंगें और 94 किलोमीटर से अधिक लंबाई की 9 एस्केप सुरंगें पूरी की जा चुकी हैं।”
वैष्णव ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई रेल लाइन परियोजना पर अपडेट देते हुए कहा कि इसमें 104 किलोमीटर लंबी 16 मुख्य सुरंगें और लगभग 98 किलोमीटर लंबी 12 एस्केप सुरंगों का निर्माण शामिल है।
उन्होंने कहा, “अब तक 99 किलोमीटर लंबाई की मुख्य सुरंगें और 94 किलोमीटर से अधिक लंबाई की 9 एस्केप सुरंगें पूरी की जा चुकी हैं। परियोजना में 19 महत्वपूर्ण/प्रमुख पुलों का निर्माण भी शामिल है। इनमें से 8 पुल पूरे हो चुके हैं और शेष पुलों पर कार्य शुरू कर दिया गया है।” PTI PK JP NB
